स्कूलों में छेड़खानी और बच्चों से जातीय भेदभाव पर सीधे बर्खास्त होंगे शिक्षक: भारद्वाज
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हिमाचल के स्कूलों में छात्राओं से छेड़छाड़ करने और जातीय भेदभाव फैलाने वाले शिक्षक अब सीधे बर्खास्त होंगे। बुधवार को प्रश्नकाल के बाद नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की ओर से उठाए दो ताजा मामलों के बाद शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सदन में यह जानकारी दी। मंत्री ने सहमति दर्ज कराई कि यह बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है।
विधानसभा शीत सत्र के तीसरे दिन आखिर सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष में गतिरोध टूट गया। प्रश्नकाल भी चला। पिछले दो दिन के लगातार हंगामे के बाद तीसरे दिन भोजनावकाश तक विपक्ष सदन की कार्यवाही में सहयोग भी करता रहा। प्रश्नकाल के बाद अग्निहोत्री ने सदन को अवगत करवाया कि स्कूलों में बच्चों से छेड़छाड़ की घटनाएं हो रही हैं।
उनके विधानसभा क्षेत्र हरोली में एक शास्त्री शिक्षक ने बच्चियों से अभद्रता की। इस बारे में मामला दर्ज हुआ है। स्कूलों में यह प्रवृत्ति बढ़ रही है। मुख्यमंत्री के जिले मंडी में भी एक अन्य मामला जातीय भेदभाव का सामने आया है। ये शिक्षा के मंदिर है। लोग इनमें बच्चों को बड़ी निष्ठा से भेजते हैं। एक नहीं, 12-12 और 13-13 बच्चियां ऐसी शिकायतें कर रही हैं।
मुकेश ने कहा कि क्या सरकार इस पर कोई नीतिगत फैसला लेगी, जिससे ऐसे शिक्षकों को बर्खास्तगी का रास्ता दिखाया जाए। आमतौर पर ऐसे शिक्षकों को निलंबित करने के बाद उनका मुख्यालय भी वहीं रख लिया जाता है। वे बच्चों को धमकाते हैं। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि हरोली में सामने आई घटना को अंजाम देने वाले शिक्षक को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए हैं।
निलंबन के बाद मुख्यालय, जिले से बाहर रखा गया है। जातीय भेदभाव वाली घटना में भी शिक्षा उपनिदेशक मंडी को आदेश दिए हैं कि वह बुधवार को ही इस पर कार्रवाई करें। ऐसे बहुत से मामले सामने आ रहे हैं। जिन शिक्षकों ने अवार्ड लिए हैं, वे भी ऐसी गलत गतिविधियों में शुमार हैं।
संविधान के अनुच्छेद-311 के तहत होगी बर्खास्तगी
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि भारत के संविधान अनुच्छेद-311 के तहत बर्खास्तगी का प्रावधान किया गया है। सरकार इस अनुच्छेद में दिए प्रावधान के तहत बगैर सीसीएस इन्कवायरी के शिक्षकों को बर्खास्त कर सकती है। उसके बाद हाईकोर्ट जाने के बाद ही राहत मिल सकती है।
शिक्षा मंत्री बोले, इन्हें बचाने की न करें कोशिश
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सदन में सदस्यों की ओर इशारा कर उनसे भी अपील की कि वे इस तरह के अपराधों में शामिल शिक्षकों को बचाने की सिफारिश न करें। ऐसे लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।