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सरकार के दावे फेल, 6324 सरकारी स्कूलों पर चौंकाने वाली रिपोर्ट

Tue, 08 Nov 2016 01:27 PM IST
अनिमेष कौशल/अमर उजाला, शिमला
अनिमेष कौशल/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 08 Nov 2016 01:27 PM IST
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Teachers Shortage in 6324 Govt Schools in Himachal.

सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा देने के दावे करने वाली सरकार के राज में प्रदेश के 6324 प्राइमरी स्कूलों में सिर्फ दो-दो शिक्षक तैनात हैं। 1343 प्राइमरी स्कूल सिर्फ एक-एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं।

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सरकारी स्कूलों में घटती विद्यार्थियों की संख्या के लिए शिक्षकों की कमी एक बड़ा कारण है। शिक्षा विभाग की ओर से एकत्र आंकड़ों से सरकार के सभी दावे हवा साबित हो रहे हैं।
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सूबे के दो हजार से अधिक प्राइमरी स्कूलों में विद्यार्थियों की कम संख्या के चलते अगले साल तक ताले लगाने की नौबत आ गई है। प्राइमरी और मिडल स्तर के इन स्कूलों में छात्र संख्या 15 से कम है। तीन सौ से ज्यादा ऐसे स्कूल हैं, जिनमें मात्र पांच से दस बच्चे ही पढ़ रहे हैं।

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कांगड़ा, मंडी, शिमला में हालात खराब, देखें रिपोर्ट

Teachers Shortage in 6324 Govt Schools in Himachal.

प्रदेश के तीन जिलों कांगड़ा, मंडी और शिमला में एक-एक हजार से अधिक प्राइमरी स्कूलों में दो-दो शिक्षक तैनात हैं। कांगड़ा में 1038, मंडी में 1008, शिमला में 1000, सिरमौर में 594, चंबा में 608, बिलासपुर में 410, हमीरपुर में 343, किन्नौर में 99, कुल्लू में 434, लाहौल स्पीति में 120, सोलन में 454 और ऊना में 216 प्राइमरी स्कूल दो-दो शिक्षकों के सहारे हैं।

सिंगल टीचर वाले स्कूलों में शिमला के 250, मंडी के 247, चंबा के 195, बिलासपुर के 54, हमीरपुर के 24, कांगड़ा के 158, किन्नौर के 9, कुल्लू के 99, लाहौल स्पीति के 37, सिरमौर के 165, सोलन के 65 और ऊना के 40 स्कूल शामिल हैं।

इन 128 मिडल स्कूलों में सिर्फ एक-एक टीचर

Teachers Shortage in 6324 Govt Schools in Himachal.

प्रदेश के 128 मिडल स्कूलों में सिंगल टीचर, 276 स्कूलों में दो-दो टीचर, 570 में तीन-तीन टीचर, 1154 स्कूलों में 4 से 6 टीचर और दो स्कूलों में 7 से 10 टीचर तैनात हैं। इसी तरह तीन हाई स्कूलों में दो-दो शिक्षक, 12 में तीन-तीन शिक्षक, 323 में 4 से 6 शिक्षक, 534 में 7 से 10 शिक्षक, 7 स्कूलों में 11 से 15 शिक्षक तैनात हैं।

सेकेंडरी स्कूलों में 3 स्कूलों में तीन-तीन शिक्षक, 39 स्कूलों में 4 से 6 शिक्षक, 185 स्कूलों में 7 से 10 शिक्षक, 562 स्कूलों में 11 से 15 शिक्षक और 819 स्कूलों में 15 से अधिक शिक्षक तैनात हैं।

सरकारी व्यवस्था की खामियां दर्शा रहे आंकड़े

Teachers Shortage in 6324 Govt Schools in Himachal.

राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की घटती संख्या पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी के चलते सरकारी स्कूलों से अभिभावकों का सरकारी स्कूलों से विश्वास उठ रहा है। यह आंकड़े सरकारी व्यवस्था की दुर्दशा को दर्शा रहे हैं। हर क्लास के लिए एक शिक्षक होना जरूरी है।

इसी महीने संघ इस मुद्दे को लेकर ज्वालाजी में एक राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित करने जा रहा है। कार्यशाला में इन समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष भी इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। वीरेंद्र चौहान ने कहा कि शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों में जो शिक्षक तैनात भी हैं, उन्हें गैर शिक्षक कार्यों में भी लगाया गया है। ऐसे हालात में गुणात्मक शिक्षा देने के दावे करना बेमानी है।

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