हिमाचल में स्वाइन फ्लू से दो और की मौत
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हिमाचल में स्वाइन फ्लू का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। स्वाइन फ्लू से प्रदेश में दो और लोगों की मौत हो गई है। आईजीएमसी शिमला में शुक्रवार और शनिवार को दो लोगों ने दम तोड़ दिया। दोनों शिमला के सुन्नी के रहने वाले थे।
इसके साथ ही सूबे में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 15 हो गई है जबकि पॉजिटिव मामलों की संख्या 65 पहुंच गई है। करीब एक हफ्ते से आईजीएमसी में भर्ती सुन्नी के 54 वर्षीय व्यक्ति की शुक्रवार और इसी क्षेत्र के 55 वर्षीय एक अन्य व्यक्ति की शनिवार को मौत हो गई।
शनिवार को स्वाइन फ्लू के चार मामले पॉजिटिव पाए गए। इनमें से दो सुन्नी, एक करसोग और एक मामला मंडी से है। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश चंद ने स्वाइन फ्लू से दो और मरीजों की मौत होने की पुष्टि की है। उधर, पांवटा के एक व्यक्ति को स्वाइन फ्लू के चलते पीजीआई में भर्ती किया गया है।
स्वाइन फ्लू के साथ फैला अंधविश्वास
वहीं, देश भर में फैले स्वाइन फ्लू से बचने को अलग-अलग तरह के अंधविश्वासी टोटके सामने आने शुरू हो गए हैं। इन टोटकों को लेकर लोगों में खूब चर्चा चल रही है। ऐसी ही एक नई भ्रांति स्वाइन फ्लू से बचाव को सामने आई है, जो खूब बहुत प्रचलित हो रहा है।
लोगों का कहना है कि जिस दंपति का एक बेटा हो, वह दंपति 11 महिलाओं को एक-एक टॉफी दे तो उनका बेटा स्वाइन फ्लू से बच सकता है। ऐसी अजीबो-गरीब भ्रांति क्षेत्र में फैली हुई है।
दूसरा उपाय है बेटे के माता या पिता सोगी यानी दाख के सात दाने शिव मंदिर में चढ़ाएं, तो ऐसा करने से भी स्वाइन फ्लू आपके बेटे तक नहीं पहुंच पाएगा। इन अंधविश्वासी टोटकों कालोगों में खूब चर्चा है। उधर, डॉक्टरों ने इन सभी टोटकों से बचने और समय पर डॉक्टरों से जांच करवाने की सलाह दी है।