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स्वाइन फ्लू को लेकर अब जिला अस्पतालों में भी लिए जाएंगे सैंपल

Wed, 30 Jan 2019 01:26 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 30 Jan 2019 01:26 PM IST
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swine flu samples will be collected at district hospitals of himachal pradesh

जिला अस्पतालों में आने वाले बुखार के मरीजों का स्वाइन फ्लू की आशंका के चलते सैंपल लिया जाएगा। इसे जांच के लिए आईजीएमसी, टांडा या कसौली सीआरआई भेजा जाएगा। सैंपल भेजने की व्यवस्था सीएमओ या अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक करेंगे। सरकार ने मंगलवार को यह आदेश जारी किए हैं। हिमाचल में स्वाइन फ्लू मरीजों का उपचार निशुल्क होगा।

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एक ही दिन में मरीजों को रिपोर्ट दी जाएगी। सरकार ने आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज के अलावा जिला अस्पतालों में इंसुलेशन वार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल प्रशासन को प्रतिदिन रिपोर्ट स्वास्थ्य निदेशालय भेजने के भी निर्देश दिए हैं। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा और सीआरआई कसौली को छोड़कर प्रदेश के अन्य 4 मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के टेस्ट की सुविधा नहीं है।
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सरकार ने जिला अस्पतालों से सैंपल लेकर मेडिकल कॉलेजों को भेजने के लिए कहा है। यह बीमारी ज्यादातर सर्दियों में फैलती है। डॉक्टरों का मानना है कि सर्दियों में लोग एक जगह एकत्र रहते हैं। ऐसे में वायरस एक से दूसरे के शरीर में प्रवेश करता है। स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने बताया कि बीमारी को लेकर प्रदेश में अलर्ट जारी किया है। अस्पतालों में दवाइयां भेजी गई हैं। सीएमओ को सतर्क रहने को कहा है। स्वास्थ्य निदेशक को प्रतिदिन रिपोर्ट व्हाट्सएप पर भेजने को कहा है।

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बच्चों और बुजुर्गों को गिरफ्त में ले रही बीमारी

swine flu samples will be collected at district hospitals of himachal pradesh

दो और दो साल से छोटे बच्चे, 65 साल तथा इससे ज्यादा उम्र के लोगों को यह बीमारी आसानी से गिरफ्त में लेती है। इसका कारण यह है कि इन लोगों के शरीर में बीमारी से लड़ने की क्षमता कम होती है। गर्भवती महिलाएं और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को भी जल्द यह बीमारी अपनी चपेट में लेती है।

तीन श्रेणियों में होती है बीमारी
सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार को ए श्रेणी में रखा गया है, जबकि 101 और इससे ज्यादा बुखार आने को बी और चार दिन तक इस बुखार के न उतरने को सी श्रेणी में रखा गया है।

बुखार कंट्रोल न होने पर रेफर करें मरीज
स्वास्थ्य निदेशालय ने एडवाजरी जारी की है कि बुखार कंट्रोल में होने की स्थिति में मरीजों को तुरंत आईजीएमसी और टांडा रेफर करें। यह बीमारी एक से दूसरे में फैलती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को भीड़भाड़ से दूर या मुंह-नाक पर मास्क लगाने की सलाह दी है। स्वाइन फ्लू का वायरस हवा में फैलता है। किसी के शरीर में प्रवेश कर यह लोगों को अपनी गिरफ्त में ले सकता है।

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