सुप्रीमकोर्ट के आदेश, रेणुका डैम के लिए 1540 करोड़ दे केंद्र सरकार
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हिमाचल के सिरमौर जिले के रेणुका में डैम निर्माण के लिए सुप्रीमकोर्ट की हरी झंडी मिल गई है। उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार को रेणुका बांध के लिए 1540 करोड़ जारी करने के आदेश दिए हैं। बांध निर्माण को लेकर सबसे बड़ी अड़चन दूर होती दिखाई दे रही है।
परियोजना के लिए एक लाख, 33 हजार पेड़ों की बलि चढ़ेगी। 1142 परिवार विस्थापित होंगे। डैम बनने से दिल्ली को प्रतिदिन 23 क्यूसिक पानी मिलेगा। हिमाचल को 40 मेगावाट बिजली मिलेगी। कोर्ट ने साफ किया है कि 1540 करोड़ में से विस्थापितों के हितों के लिए 450 करोड़ एक सप्ताह के भीतर (12 अगस्त) जारी किए जाएं।
शुक्रवार को सुप्रीम के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की प्रथम बेंच ने यह फैसला सुनाया। इससे लंबे अरसे से मुआवजे की आस लगाए बैठे सैकड़ों विस्थापितों को राहत मिलेगी। कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिए कि बांध निर्माण को 1540.02 करोड़ तुरंत जारी किए जाएं।
एक हफ्ते में देनी होगी पिहली किस्त
इसमें 450 करोड़ एक सप्ताह में एवं शेष 1090.02 करोड़ की दूसरी किस्त में अदा दिए जाएं। रेणुका बांध प्रबंधन ने फरवरी 2015 में सुप्रीमकोर्ट में 1981.36 करोड़ की मांग पर अपील की थी। मामला देश की शीर्ष अदालत में विचाराधीन था।
बीते दिनों सुप्रीमकोर्ट की निचली बेंच ने मामले को अंतिम फैसले के लिए चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की बैंच को सौंपा था। शुक्रवार को चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में हुई सुनवाई में बांध प्रबंधन के पक्ष में फैसला लिया गया।
12 अगस्त को अगली पेशी के दौरान केंद्र सरकार को 450 करोड़ अदा करने के निर्देश दिए हैं। ग्रीन ट्रिब्यूनल पहले ही पेड़ काटने के लिए हरी झंडी दे चुका है।
ये पंचायतें होंगी प्रभावित
उधर, रेणुका डैम के कार्यवाहक जीएम बीबी खुल्लर ने बताया कि 450 करोड़ रुपये तत्काल तथा 1090.02 करोड़ रुपये चंद माह बाद अदा करने आदेश हुए हैं। राशि मिलते ही बांध निर्माण को नई दिशा मिलेगी।
इस फैसले से विस्थापितों को मिलने वाली बकाया राशि का भुगतान किया जा सकेगा। विस्थापितों के पुनर्वास की दिशा में भी कार्य होगा। 1090.02 करोड़ की राशि वन एवं पर्यावरण क्लीयरेंस प्रक्रिया पर खर्च होगी।
ये पंचायतें होंगी प्रभावित
- दीद बगड़, कोटला मोलर, पनार, लाणा भल्टा, पराड़ा, नेरी नावण, डिंबर, सेर तंदुला, काथली भरण, गवाली, संगड़ाह, रेडली, जरग, बाउनल काकोग, माइना गड़ेल, रजाणा, जामू कोटी, ददाहू, खाला क्यार, बिरला, कटाह शीतला, पंजाहल, थाना कसोगा, कोंडो कांसर एवं अंधेरी।
17 फरवरी, 2015 को मिली थी पर्यावरण मंजूरी
पांच हजार करोड़ की लागत से बनने वाले रेणुका डैम को केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने 17 फरवरी, 2015 को मंजूरी दी थी।
- परियोजना के निर्माण में 89 फीसदी केंद्र एवं 11 फीसदी खर्च राज्य सरकार उठाएगी।
- रेणुका डैम क्षेत्र में कुल 2030 हेक्टेयर भूमि आएगी