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भाजपा विधायक बिंदल से जुड़ी भर्ती धांधली केस की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया मंजूर

Fri, 18 Dec 2020 10:40 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 18 Dec 2020 10:40 PM IST
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Supreme Court notice to himachal government and rajiv bindal in illegal recruitment case
डॉ. राजीव बिंदल (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं नाहन से भाजपा विधायक डॉ. राजीव बिंदल के सोलन नगर परिषद के अध्यक्ष रहते भर्तियों में कथित धांधली मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका मंजूर कर ली है। लगभग 22 साल पूर्व कांग्रेस सरकार के समय दर्ज हुए इस मामले को राजनीतिक बताते हुए जयराम सरकार ने वर्ष 2019 में वापस ले लिया था। इसके बाद सोलन की अदालत में यह मामला खारिज हो गया था। अब नाहन के समाजसेवी एवं कोऑपरेटिव बैंक बर्मापापड़ी और पालियों के निदेशक अनिल कुमार की ओर से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका मंजूर हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर को स्वीकृत याचिका पर सरकार और 23 अन्य लोगों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। 

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नगर परिषद सोलन के अध्यक्ष रहते हुए डॉ. बिंदल और उस समय के अधिकारियों की मुश्किलें फिरबढ़ सकती हैं। अनिल कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में बिंदल के खिलाफ याचिका दाखिल की है। उन्होंने नाहन में पत्रकार वार्ता में स्वयं इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1998 में सोलन नप में हुई भर्तियों में धांधली के आरोप लगे थे। मामला अदालत में चल रहा था, जिसे सरकार ने वापस ले लिया। उन्होंने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे तीन न्यायाधीशों की खंडपीठ ने स्वीकृत कर लिया है। कोरोना के चलते वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मामले की सुनवाई हुई उन्होंने पत्रकार वार्ता के दौरान दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार और 23 अन्य लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 
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यह है मामला
भर्तियों में धांधली के आरोप में साल 2006 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने डॉ. बिंदल पर केस दर्ज करवाया। साल 2013 में कांग्रेस सरकार ने अभियोजन की भी मंजूरी दी। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मामले को राजनीतिक आधार पर दर्ज मानते हुए जयराम सरकार की ओर से केस वापसी के लिए सरकारी वकील ने कोर्ट में अर्जी दी थी। सोलन जिला अदालत ने जनवरी 2019 में मामले में नाम वापस लेने की याचिका स्वीकार कर ली थी।
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पूरी प्रक्रिया के तहत भर्तियां कीं : बिंदल
इस मामले में डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि वर्ष 1998 से लेकर 2019 तक कांग्रेस ने इस मामले को राजनीतिक बनाकर रखा। निर्धन और जरूरतमंद लोगों को नप ने पूरी प्रक्रिया के तहत भर्ती किया था। निचली अदालतों ने हमारे पक्ष में फैसला दिया है। यदि कोई सुप्रीम कोर्ट में पहुुंचा है तो इसकी अनुपालना की जाएगी। अभी तक नोटिस नहीं मिला है।

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