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मोबाइल से गर्भ स्थल को लाइव कर थड़ों पर निभाई पूजा की रस्म
Mon, 30 Mar 2020 12:38 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, सुंदरनगर (मंडी)
अमर उजाला नेटवर्क, सुंदरनगर (मंडी)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 30 Mar 2020 12:38 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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ऑनलाइन आराध्य देवों के पूजन के साथ रविवार को सुकेत देवता मेला शुरू हुआ। राज्य स्तरीय देवता मेला बड़ा देयो कमरुनाग मानगढ़ के पूजन के साथ शुरू हुआ। शुभारंभ पर जवाहर पार्क में बड़ा देयो कमरुनाग के बाद राज देवता श्री मूल मांहूनाग, देव बड़ा योगी और सुकेत अधिष्ठात्री देवी महामाया का विधि-विधान से पूजन किया गया।
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तीन शताब्दियों के इतिहास में पहली बार हुआ है कि मेले में न किसी देवता ने शिरकत की और न देवलुओं और बजंतरियों ने। जनता की भी कोरोना के कारण कोई भागीदारी नहीं होगी। फिर भी शताब्दियों की देव पूजन की परंपरा को सादगी से निभाया गया। बड़ा देयो श्री कमरुनाग, राज देवता श्री मूल मांहूनाग और देव बड़ा योगी के लिए मेला स्थल पर स्थापित थड़ों पर मोबाइल से ऑनलाइन गर्भस्थल को लाइव कर देव पूजन की परंपरा निभाई गई।
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रविवार को कर्फ्यू में ढील के दौरान शुभ मुहूर्त पर सुबह 11:30 बजे देव पूजन की रस्म सुकेत सर्व देवता कमेटी के प्रधान अभिषेक सोनी की उपस्थिति में राज पुरोहित रोशन शर्मा के मार्गदर्शन में निभाई गई। अभिषेक सोनी ने कहा कि कोरोना के कारण राज्य स्तरीय देवता मेला प्रशासन को रद्द करना पड़ा है। परिस्थितियां ऐसी हो गईं कि मेले में करीब 175 देवी-देवता इस बार शिरकत नहीं कर पाए।
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रामनवमी तक रोजाना सुकेत सर्व देवता कमेटी मेला स्थल पर सुबह और शाम पूजन करेगी। अष्टमी के दिन सुकेत अधिष्ठात्री देवी महामाया का देहरी स्थित महामाया मंदिर में पूजन और रामनवमीं के दिन देवताओं का पूजन किया जाएगा। समापन पर बड़ा देयो श्री कमरुनाग और राज देवता श्री मूल मांहूनाग को भेंट अर्पित कर क्षेत्र की समृद्धि और सुख-शांति के लिए मन्नत की जाएगी।
देवताओं को यह भेंटें लॉकडाउन और कर्फ्यू समाप्त होने पर उनके मूल स्थान पर जाकर अर्पित की जाएगी। इधर, रविवार सुबह कई लोगों ने मेला स्थल जवाहर पार्क में आराध्य देवताओं के थड़ों का पूजन किया।