{"_id":"05f3c7f7499b1b289581ac2c37e44bde","slug":"style-of-study-will-change-in-himachal-schools-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदलेगा पढ़ाई का तरीका, नहीं रहेगा मैथ का डर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदलेगा पढ़ाई का तरीका, नहीं रहेगा मैथ का डर
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 11 Dec 2015 11:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल में हाई स्कूल तक पढ़ाई करने और कराने का तरीका बदलने जा रहा है। पहली से आठवीं कक्षा तक मैथ और साइंस का हौव्वा दूर करने और खेल-खेल में पढ़ाई के लिए क्वालिटी एनहासमेंट इंशेटिव सेल गठित किया गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा की अध्यक्षता में यह सेल काम करेगा। इसके तहत सरकारी स्कूलों का रिजल्ट और बच्चों की संख्या बढ़ाने के तरीके तलाशे जाएंगे।
विज्ञापन
पहली से आठवीं कक्षा तक पेश आ रही कमियों को दूर किया जाएगा। शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इस योजना के तहत दो से तीन साल के भीतर सकारात्मक परिणाम देने का दावा किया है। वीरवार को इसी योजना को लेकर राज्य परियोजना कार्यालय शिमला में बैठक हुई। बैठक में सभी जिलों के उप निदेशकों, जिला परियोजना अधिकारियों से चर्चा की गई।
विज्ञापन
आसान तरीके से समझ पाएंगे छात्र
राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान घनश्याम चंद ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि क्वालिटी एनहासमेंट इंशेटिव सेल के तहत शिक्षा में गुणवत्ता लाई जाएगी। शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने के रोचक और आसानी से समझाने वाले तरीके सिखाए जाएंगे। बच्चों के लिए हौव्वा बने विषयों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।
विज्ञापन
इस अभियान में लर्निंग लिंक फाउंडेशन, सर्व शिक्षा अभियान और निदेशालय प्रारंभिक शिक्षा संयुक्त तौर पर काम करेंगे। वीरवार को इसी कड़ी में पहली बैठक आयोजित की गई। सभी अधिकारियों को योजना से अवगत कराया गया। योजना में शामिल किए जाने के लिए सुझाव लिए गए। बैठक में अतिरिक्त निदेशक प्रारंभिक शिक्षा आशीष कोहली ने भी संबोधित किया।
200 स्कूलों में चल रहा एलएलएफ का प्रोजेक्ट
लर्निंग लिंक फाउंडेशन (एलएलएफ) शिमला और सोलन जिला के 200 स्कूलों में काम कर रहा है। दोनों जिलों के 100-100 चयनित स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर काम किया जा रहा है। अब फाउंडेशन का दायरा बढ़ाकर पूरा प्रदेश कर दिया गया है।