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अध्ययन में खुलासा: माइग्रेन है तो दिल को भी रखना होगा संभालकर, डॉक्टरों ने दी ये सलाह
Mon, 16 Oct 2023 12:07 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 16 Oct 2023 12:07 PM IST
सार
अध्ययन में स्पष्ट किया गया है कि माइग्रेन एक सामान्य तंत्रिका संबंधी विकार है, जो वैश्विक आबादी के 12 प्रतिशत को प्रभावित करता है।
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दिल(सांकेतिक)
- फोटो : istock
विस्तार
अगर आपको माइग्रेन है तो दिल का भी ख्याल रखें। माइग्रेन के मरीजों को दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मरीजों में कई बार दिल की धड़कन भी अनियमित हो सकती है। यह खुलासा आईजीएमसी शिमला, दयानंद मेडिकल कॉलेज लुधियाना, इंडेक्स मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर इंदौर, राजकीय मेडिकल कॉलेज तिरुवनंतपुरम के संयुक्त अध्ययन में हुआ है। आईजीएमसी शिमला से इस अध्ययन में डॉ. जयेश वालेचा शामिल रहे हैं। इस अध्ययन में स्पष्ट किया गया है कि माइग्रेन एक सामान्य तंत्रिका संबंधी विकार है, जो वैश्विक आबादी के 12 प्रतिशत को प्रभावित करता है।
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माइग्रेन हृदय रोग की घटनाओं जैसे मायोकार्डियल रोधगलन, एनजाइना पेक्टोरिस और कार्डियक अतालता के बढ़ते जोखिम से भी जुड़ा है। हाल ही में इसे क्यूरिस्क थ्री हृदय रोग भविष्यवाणी स्कोर में जोड़ा गया है। अध्ययन में सबसे महत्वपूर्ण हृदय की अनियमित धड़कन के साथ माइग्रेन का एक महत्वपूर्ण संबंध दिखाया है। माइग्रेन के मरीजों में धड़कन के अनियमित चलने से संबंध दिखाया गया है। रोगियों में अज्ञात हृदय संबंधी विकारों की जांच जरूरी है। डाॅक्टरों ने सलाह दी है कि माइग्रेन है तो िदल के रोगों की भी जांच करवाते रहें।
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यह हैं रोग के कारण
महिलाओं में मासिक धर्म से पहले एस्ट्रोजन हारमोन के स्तर में गिरावट, अन्य लोगों में तनाव, ठंड का सामना करना, कम नींद, हार्मोनल उतार-चढ़ाव, भावनात्मक तनाव, मौसम परिवर्तन, शराब का सेवन, उपवास आदि से भी यह बीमारी होती है। नाइट्रेट और नाइट्राइट युक्त खाद्य परिरक्षक का सेवन और नींद में खलल भी इसका कारण है।
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