एनसीईआरटी ने दी मंजूरी: हिमाचल के सरकारी स्कूल में विद्यार्थी पढ़ेंगे सड़क सुरक्षा का पाठ
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सभी स्कूलों को इस पाठ को कक्षा में पढ़ाने के भी आदेश दे दिए हैं। इससे संबंधित प्रश्न भी विद्यार्थियों को पेपर में पूछे जाएंगे। एससीईआरटी सोलन ने इसे लेकर एनसीईआरटी को सुझाव दिया था।
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अब हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छठी से 10वीं कक्षा तक के विद्यार्थी सड़क सुरक्षा का पाठ भी पढ़ेंगे। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने इसकी मंजूरी दे दी है। हर कक्षा के लिए यह पाठ जोड़ दिया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सभी स्कूलों को इस पाठ को कक्षा में पढ़ाने के भी आदेश दे दिए हैं। इससे संबंधित प्रश्न भी विद्यार्थियों को पेपर में पूछे जाएंगे। एससीईआरटी सोलन ने इसे लेकर एनसीईआरटी को सुझाव दिया था। इसमें पढ़ाए जाने वाले सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में एससीईआरटी ने विभिन्न शिक्षाविदों की मदद से सिलेबस तैयार किया था। उधर, इस बारे में पाठ्यचर्या प्रकोष्ठ की समन्वयक वीना ठाकुर ने बताया कि इस शैक्षणिक सत्र से हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला से संबद्ध सभी स्कूलों के बच्चे सड़क सुरक्षा संबंधी सामग्री को पढ़ाया जाएगा।
किस कक्षा में कौन सा पाठ जुड़ेगा
कक्षा छठी में यह सामग्री हिंदी विषय की पाठ्य पुस्तक वसंत भाग एक में ‘बात-बात में बात’ शीर्षक से पढ़ाया जाएगा। कक्षा सात में यह सामग्री वसंत भाग दो में ‘आखिर बेटी किसकी है’ पाठ के तहत छात्रों को उपलब्ध होगी। कक्षा आठ में ज्ञान सामाजिक विज्ञान की पुस्तक आओ मिलकर चलें एक सुरक्षित भारत की ओर सड़क सुरक्षा एवं जन सहभागिता पाठ के माध्यम से अर्जित किया जा सकेगा। इसी तरह कक्षा नवीं में आपदा प्रबंधन की पाठ्यपुस्तक में सड़क दुर्घटनाए ं: कारण एवं रोकथाम पाठ के तौर पर शामिल किया है। कक्षा दसवीं में लोकतांत्रिक राजनीति पुस्तक में ‘सजग रहें, सुरक्षित रहे’ नामक पाठ के तहत बच्चे सड़क सुरक्षा बारे में अपनी जानकारी को बढ़ाएंगे।
विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा की जानकारी
एससीईआरटी सोलन की प्राचार्या प्रो. रीटा शर्मा ने कहा कि इस सत्र से छठी से दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा को लेकर नया पाठ लागू कर दिया गया है। किताबें छप चुकी हैं।