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विद्यार्थियों को बैंक खातों में मिलेगी स्मार्ट वर्दी की सिलाई राशि
Wed, 11 Nov 2020 10:35 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 11 Nov 2020 10:35 AM IST
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स्मार्ट वर्दी
- फोटो : अमर उजाला
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सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब साढ़े छह लाख विद्यार्थियों को बैंक खातों में स्मार्ट वर्दी की सिलाई राशि दी जाएगी। पहली से दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को वर्दी के दो सेट की सिलाई को सरकार दो सौ रुपये देगी। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने जिला अधिकारियों को इस बाबत बजट जारी कर दिया है। सभी विद्यार्थियों के बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मंडी से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को स्मार्ट स्कूल वर्दी देने की प्रक्रिया बीते माह से शुरू हो गई है। मंडी और कांगड़ा जिले के करीब 15 फीसदी विद्यार्थियों को स्मार्ट स्कूल वर्दी का आवंटन भी कर दिया गया है। प्रदेश भर में 72 फीसदी वर्दी की सप्लाई कर दी गई है। जांच के लिए भेजे गए वर्दी के सैंपलों की रिपोर्ट आते ही जिला उपनिदेशकों को आवंटन करने के निर्देश दिए गए हैं।
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करीब 55 करोड़ से प्रदेश के स्कूलों में पहली से बारहवीं कक्षा तक पढ़ने वाले पौने आठ लाख विद्यार्थियों के लिए वर्दी खरीदी गई है। पहली से दसवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को सिलाई के लिए अलग से करीब 20 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है।
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पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को मिड-डे मील के राशन की तर्ज पर अभिभावकों को स्कूलों में बुलाकर वर्दी दी जा रही है। कई जगह घरों में भी वर्दी पहुंचाई जा रही है। नौवीं से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूलों में वितरण किया जा रहा है।
जो विद्यार्थी स्कूल नहीं आ रहे हैं, उनके अभिभावकों को बुलाकर वर्दी दी जा रही है। ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को सरकार वर्दी की सिलाई का पैसा नहीं देती है। वर्दी खरीद के लिए बीते साल चुनी गई कंपनी को दो साल के लिए टेंडर दिया गया है।
सभी स्कूल प्रभारियों को सही सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही वर्दी देने को कहा गया है। इसके अलावा वर्दी की ढुलाई के कार्य में विद्यार्थियों को न लगाने और विद्यार्थियों से ट्रांसपोर्टेशन का शुल्क भी नहीं लेने को कहा गया है। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि अगर इस तरह की शिकायत मिली तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।