हिमाचल में ओवरलोड़िंग पर सख्ती से अफरा-तफरी, बसों में नहीं चढ़ाए विद्यार्थी, आनी में चक्का जाम
हिमाचल में ओवरलोडिंग के नाम पर स्कूली छात्रों और लोगों को बसों से उतारे जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है। प्रदेश में इसका चौतरफा विरोध हो रहा है। छात्र और अभिभावक सड़क पर उतर आए हैं। जिला प्रशासन, परिवहन निगम और विभाग के अधिकारियों को इसके लिए दोषी ठहराया जा रहा है। सरकार ने ओवरलोडिंग से निजात दिलाने को कोई व्यवस्था नहीं की है।
उल्टा लोगों को बसों से नीचे उतारा जा रहा है। जिला कुल्लू, चंबा, शिमला, हमीरपुर, ऊना और जिला सिरमौर में मंगलवार को इसका खासा विरोध देखने को मिला है। ओवरलोडिंग के नाम पर छात्रों और लोगों को बसों से उतारे जाने पर मंगलवार को जिला कुल्लू के ढालपुर मैदान से छात्रों ने डीसी कार्यालय तक रैली निकाली और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
छात्र सड़क पर बैठक गए इससे करीब एक घंटा जाम लगा रहा। जिला सिरमौर में भी बसों में सवारियों को नहीं बिठाया गया। आनी में छात्रों को बसे से उतार जाने के मामले में बुधवार को गुस्साए लोगों और छात्रों ने गुगरा सड़क में चक्का जाम कर दिया और निगम प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
गुस्साए विद्यार्थियों ने किया चक्का जाम
जिला चंबा के अगाहर मार्ग पर सुराड़ा के पास सवारियां न चढ़ाई जाने पर लोग सड़क पर खड़े हो गए। विरोध के बाद लोगों के लिए दूसरी बस भेजनी पड़ी। मंगलवार को पाहनाला व दोहरानाला क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थियों ने ढालपुर में धरना-प्रदर्शन किया।
हमीरपुर में निजी बस ऑपरेटर लोकल सवारियों को बसों में नहीं बैठा रहे हैं। मंडी में ओवरलोडिंग पर की जा रही सख्ती से स्कूली बच्चों और कॉलेज के छात्रों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है।
ओवरलोडिंग पर परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक कुलदीप सिंह का कहना है कि ओवरलोडिंग पर प्रतिबंध है। डीएसपी मंदनकात शर्मा ने बताया की बसों पर ओवरलोडिंग हरगिज बर्दाश्त नहीं होगी। परिवहन विभाग के निदेशक जेएम पठानिया ने कहा कि ओवरलोडिंग नहीं होने दी जाएगी।
जहां ओवरलोडिंग हो रही है, वहां अतिरिक्त बसें भेजी जा रही है। शिमला में 45 नए रूट दिए गए हैं, जबकि कुल्लू के लिए भी 8 लाग रूटों की बसों को लोकल रूटों पर चलाया जा रहा है। आरटीओ से ओवरलोडिंग की जानकारी ली जा रही है।