{"_id":"5e3feac98ebc3ee5fd707029","slug":"students-of-schools-in-himachal-will-study-road-safety-lessons-govt-decided","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल में स्कूलों के विद्यार्थी पढ़ेंगे रोड सेफ्टी का पाठ, सरकार ने लिया फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल में स्कूलों के विद्यार्थी पढ़ेंगे रोड सेफ्टी का पाठ, सरकार ने लिया फैसला
Mon, 10 Feb 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 10 Feb 2020 05:00 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के सरकारी और निजी स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को रोड सेफ्टी का पाठ पढ़ाया जाएगा। फरवरी अंत और मार्च के पहले सप्ताह में शीतकालीन सरकारी और निजी स्कूल खुल जाएंगे। ऐसे में इन स्कूलों में वाहनों के नियमों के जानकारी दी जाएगी। महीने में एक बार स्कूलों में रोड सेफ्टी पर लेक्चर दिया जाएगा।
विज्ञापन
हादसों पर अंकुश लगाने के लिए एचआरटीसी और निजी बसों के चालक, परिचालक, टैक्सी आपरेटर और युवा मंडल को रोड सेफ्टी के बारे में अवगत कराया जाएगा। परिवहन विभाग के निदेशक कैप्टन जेएम पठानिया ने बताया कि रोड सेफ्टी जागरूकता के साथ विभाग मास्टर ट्रेनर और नोडल अधिकारी भी तैनात किए जाएंगे। आम लोगों को रोड सेफ्टी के लिए जागरूक किया जाएगा। पठानिया ने बताया कि नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
विज्ञापन
दुर्घटनाओं में हिमाचल नंबर वन
हिमाचल सड़क दुर्घटनाओं में अन्य राज्यों की अपेक्षा पहले स्थान पर है। प्रदेश में हर साल तीन हजार दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें 12 सौ लोगों की जान जाती है। 95 फीसदी सड़क हादसे मानवीय भूल के कारण होते हैं। ड्रिंक एंड ड्रंक ड्राइविंग, मोबाइल सुनना, म्यूजिक सिस्टम, ओवर स्पीड और सीट बेल्ट न बांधना हादसों का मुख्य कारण होता है।
विज्ञापन