टीचर की मार के डर से छात्र ने तेल छिड़ककर खुद को लगाई आग
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सातवीं के एक छात्र ने वीरवार को स्कूल जाते वक्त रास्ते में केरोसिन छिड़ककर खुद को आग लगा ली। इससे उसका चेहरा और सीना बुरी तरह से झुलस गए हैं। छात्र 65 फीसदी जल चुका है और टांडा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
मामला हिमाचल के कांगड़ा का है। पुलिस छात्र पंकज शर्मा (13) के होश में आने का इंतजार कर रही है ताकि आत्महत्या के प्रयास के कारण का पता चल सके। माना जा रहा है कि बीते 30 अक्तूबर से 2 नवंबर तक दिवाली की छुट्टियों का होमवर्क न करने पर पंकज ने यह कदम उठाया है।
पुलिस के अनुसार पंकज राजकीय माध्यमिक पाठशाला जौह में सातवीं में पढ़ता है। हर रोज की तरह सुबह साढ़े आठ बजे पंकज घर से स्कूल के लिए निकला। इस दौरान उसने घर से मिट्टी तेल की एक बोतल अपने बैग में छिपाकर रख ली।
घर से थोड़ी दूर छिड़का तेल और फिर लगाई आग
घर से महज आधा किलोमीटर दूर महिला मंडल भवन के समीप पंकज ने स्कूल बैग, घड़ी और ऐनक को सड़क किनारे रखा और केरोसिन छिड़ककर खुद को आग लगा ली। पंकज की चीख-पुकार सुनकर सड़क से गुजर रहे अन्य बच्चों ने चिल्लाना शुरू किया।
स्थानीय लोग तुरंत मौके पर जुट गए पर आग नहीं बुझा पाए। इसी बीच जिला परिषद सदस्य संगीता शर्मा के पति संजीव कुमार कार से जा रहे थे। उन्होंने कार रोकी और कंबल निकालकर पंकज पर फेंका।
संजीव उसे तुरंत सिविल अस्पताल भोरंज ले गए। यहां प्राथमिक उपचार के बाद पंकज को क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर रेफर किया गया लेकिन गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे टीएमसी टांडा भेज दिया।
पापा बोले - पंकज को किसी ने नहीं डांटा
पंकज के पिता रवि दत्त निवासी गांव जौह ने बताया कि घर पर ऐसी कोई बात नहीं हुई है जिससे उनका बच्चा परेशान हो। किसी ने भी पंकज को नहीं डांटा है। एसएचओ भोरंज मुकेश कुमार ने कहा कि पुलिस ने केस दर्ज कर आत्महत्या के प्रयास के कारणों की जांच शुरू कर दी है।