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हड़ताल : शहर में नहीं उठेगा कूड़ा अस्पतालों में प्रभावित होंगी सेवाएं
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चार श्रम कानूनों के विरोध में आज हड़ताल
मिड डे मील कर्मी भी हड़ताल पर, नहीं पकेगा दोपहर का भोजन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए चार नए श्रम कानूनों के विरोध में वीरवार को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल का शहर में भी असर दिखेगा।
नगर निगम के सैहब सोसायटी के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से वीरवार को घरों से कूड़ा नहीं उठेगा वहीं अस्पतालों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में कामकाज प्रभावित होगा। नगर निगम की सैहब सोसायटी के कर्मचारियों ने हड़ताल को समर्थन देने का फैसला लिया है। सोसायटी कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि सोसायटी के कर्मी वीरवार को कामकाज नहीं करेंगे। उन्होंने सोसायटी की ओर से हड़ताल को समर्थन देने का फैसला लिया है। इसी तरह से आंगनबाड़ी केंद्रों में भी आंगनबाड़ी वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हड़ताल पर जाने से सेवाएं प्रभावित होंगी। जिले में वीरवार से सरकारी स्कूल भी खुल रहे हैं लेकिन मिड डे मील वर्करों के हड़ताल का समर्थन करने से पहले ही दिन मिड मील बनाने का काम भी प्रभावित होगा। इस वजह से जिले के हजारों विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। चार नए लेबर कोड का मुख्य रूप से इसलिए विरोध हो रहा है क्योंकि श्रमिक संगठनों को डर है कि इससे मजदूरों के अधिकार कमजोर होंगे, उनका शोषण बढ़ेगा और कंपनियों को मनमानी की छूट मिल जाएगी। इन कानूनों के तहत काम के घंटे बढ़ाने, छंटनी को आसान बनाने, हड़ताल करने के अधिकारों को सीमित करने और ठेका श्रम को बढ़ावा देने जैसे प्रावधान शामिल हैं। इन्हें मजदूर-विरोधी माना जा रहा है। इसके विरोध में वीरवार को मजदूर संगठनों ने हड़ताल करने का फैसला लिया है। शिमला व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव ठाकुर के अनुसार बाजार खुले रहेंगे।
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मिड डे मील कर्मी भी हड़ताल पर, नहीं पकेगा दोपहर का भोजन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए चार नए श्रम कानूनों के विरोध में वीरवार को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल का शहर में भी असर दिखेगा।
नगर निगम के सैहब सोसायटी के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से वीरवार को घरों से कूड़ा नहीं उठेगा वहीं अस्पतालों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में कामकाज प्रभावित होगा। नगर निगम की सैहब सोसायटी के कर्मचारियों ने हड़ताल को समर्थन देने का फैसला लिया है। सोसायटी कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि सोसायटी के कर्मी वीरवार को कामकाज नहीं करेंगे। उन्होंने सोसायटी की ओर से हड़ताल को समर्थन देने का फैसला लिया है। इसी तरह से आंगनबाड़ी केंद्रों में भी आंगनबाड़ी वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हड़ताल पर जाने से सेवाएं प्रभावित होंगी। जिले में वीरवार से सरकारी स्कूल भी खुल रहे हैं लेकिन मिड डे मील वर्करों के हड़ताल का समर्थन करने से पहले ही दिन मिड मील बनाने का काम भी प्रभावित होगा। इस वजह से जिले के हजारों विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। चार नए लेबर कोड का मुख्य रूप से इसलिए विरोध हो रहा है क्योंकि श्रमिक संगठनों को डर है कि इससे मजदूरों के अधिकार कमजोर होंगे, उनका शोषण बढ़ेगा और कंपनियों को मनमानी की छूट मिल जाएगी। इन कानूनों के तहत काम के घंटे बढ़ाने, छंटनी को आसान बनाने, हड़ताल करने के अधिकारों को सीमित करने और ठेका श्रम को बढ़ावा देने जैसे प्रावधान शामिल हैं। इन्हें मजदूर-विरोधी माना जा रहा है। इसके विरोध में वीरवार को मजदूर संगठनों ने हड़ताल करने का फैसला लिया है। शिमला व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव ठाकुर के अनुसार बाजार खुले रहेंगे।