सरकारी स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें खराब करने वाले नपेंगे
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगी बायोमीट्रिक मशीनों को खराब करने वालों की शामत आने वाली है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने मशीनों की जांच करने के लिए विशेष जांच दस्ते गठित किए हैं।
जिला उपनिदेशकों को निरीक्षण निदेशालय के अफसरों को उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने स्कूलों में जाकर मशीनों की जांच करने के आदेश दिए हैं।
प्रदेश के 395 सरकारी स्कूलों में ट्रायल के तौर पर शिक्षकों की हाजिरी के लिए बायोमीट्रिक मशीनें लगाई गई हैं। निदेशालय में शिकायतें पहुंची हैं कि कई स्कूलों में बीते लंबे अरसे से मशीनें बंद पड़ी हुई हैं। मशीनें कैसे खराब हो र्गई हैं। इसको लेकर संबंधित स्कूल संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
कंपनी के तकनीकी स्टाफ को साथ लेकर जांच करने के आदेश दिए
ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों में जाकर मशीनों की जांच करवाने का फैसला लिया है। जिला उपनिदेशकों को मशीनें लगाने वाली कंपनी के तकनीकी स्टाफ को साथ लेकर जांच करने के आदेश दिए हैं।
उधर, सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की बायोमीट्रिक मशीनों से हाजिरी लगाने की मुहिम सिरे नहीं चढ़ रही है। बीते दो साल से चल रही 2700 मशीनों की खरीद फाइलों में बंद होकर रह गई है।
शिक्षा निदेशालय मशीनों की खरीद के लिए स्टेट इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन को बजट जारी कर चुका है। बावजूद इसके अभी तक खरीद की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि अब चौथी बार कारपोरेशन ने मशीनों की खरीद की प्रक्रिया शुरू की है।