दशहरा उत्सव की खुशियों में रंग भर रहे हैं मुस्लिम कारीगर
दशहरा उत्सव की खुशियों में मुस्लिम कारीगर रंग भर रहे हैं। ये युवा न केवल सांप्रदायिक एकता की मिसाल पेश कर रहे हैं, बल्कि हिंदुओं के पवित्र त्योहार को भी उत्साह के साथ मनाते हैं।
देशभर में आपसी भाईचारे और हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक दशहरा पर्व पर मुस्लिम युवा पीढ़ी दर पीढ़ी रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले बना रहे हैं। पिछले 20 दिन से पुतले बनाने में जुटे मुस्लिम युवा तीन पीढ़ियों से इस त्योहार में शरीक हो रहे हैं।
सभी युवा एक ही खानदान से
सभी युवा एक ही खानदान से संबंध रखते हैं। नाहन के अलावा बद्दी, हर्बटपुर, इस्माइलाबाद में भी यही परिवार पुतले बनाता है। पुतलों के निर्माण से लेकर आतिशबाजी तक का कार्य मुस्लिम युवा कर रहे हैं।
इनके लिए यह रोजी-रोटी का भी एकमात्र जरिया है। उत्तरप्रदेश के शामली जिले के कस्बा थाना भवन से संबंध रखने वाले गुलफाम ने बताया कि यह उनका खानदानी पेशा है।
उन्होंने माना कि हिंदुओं के इस त्योहार में उनका पूरा परिवार शरीक होता है। नाहन में इरफान, जिसान, सनोवर, सादाब, सलीम और वाजिद इस कार्य में पिछले कई सालों से कार्य को अंजाम दे रहे हैं।