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राज्यपाल ने सरकारी अफसरों को दी ये नसीहत

Fri, 18 Sep 2015 10:23 PM IST
Updated Fri, 18 Sep 2015 10:23 PM IST
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State Child Development Council annual meeting in raj bhawan shimla.

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्रदेश में स्कूलों, आश्रमों, बालबाड़ी और शिशु गृह जैसे विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही जनकल्याण गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले समाजसेवक लोगों को परिषद से जोड़ने की जरूरत है। देवव्रत शुक्रवार को राजभवन में राज्य बाल विकास परिषद की गवर्निंग बॉडी की वार्षिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी मौजूद रहे।

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देवव्रत ने इस दौरान उपायुक्तों द्वारा जिला स्तर पर स्थानीय समितियां गठित करने और कार्य में तेजी लाने के साथ साथ सेवान्मुखी वालंटियर की स्थानीय समितियां गठित करने की बात कही। राज्यपाल ने कहा कि मंदिर लोक आस्था का केंद्र हैं तथा लोगों को जीवन के सही पथ का अनुसरण करने को प्रेरित करते हैं।
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इसलिए मंदिरों को स्वयं को परोपकारी गतिविधियों में सम्मिलित करना चाहिए और धन एवं संसाधनों के साथ संस्थानों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। आचार्य देवव्रत ने अधिकारियों को सभी संस्थानों में नियमित निरीक्षण करने के अतिरिक्त आश्रम में रह रहे बच्चों एवं अन्य व्यक्तियों से बातचीत करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिषद की बैठक को नियमित अंतराल पर आयोजित करने की बात कही।
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने गिनाईं ये उपलब्धियां

State Child Development Council annual meeting in raj bhawan shimla.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि शिमला में कम से कम 100 कामगार महिलाओं की आवासीय व्यवस्था के लिए होस्टल निर्माण की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए हैं। ढली स्थित मूक एवं बधिर विद्यालय को बेहतर अधोसंरचनाएं विशेषज्ञ अध्यापकों सहित सर्वोत्तम सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।

यूएस क्लब शिमला के शिशु गृह में रह रहे बच्चों के लिए शीघ्र ही उपयुक्त स्थान पर वैकल्पिक आवासीय व्यवस्था की जाएगी। मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना के अंतर्गत बीपीएल श्रेणी की असहाय महिलाओं अथवा 35000 रुपये से कम वार्षिक आय वाली महिलाओं को दो बच्चों के 18 वर्ष की आयु तक पालन पोषण के लिए प्रति शिशु 3000 रुपये प्रतिवर्ष प्रदान किए जा रहे हैं।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनी शांडिल ने विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं के बारे में विस्तृत ब्योरा दिया। राज्य बाल विकास परिषद की महासचिव राज कुमारी सोनी ने बैठक में सुझाव दिए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर ने कार्यवाही का संचालन किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव परिषद के सरकारी एवं गैर सरकारी सदस्य उपायुक्त एवं प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।

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