2022 तक रसायन मुक्त होगी सूबे में कृषि: रामलाल मारकंडा
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कृषि मंत्री रामलाल माकरंडा ने कहा कि 2022 तक प्रदेश में खेती पूरी तरह रसायन मुक्त होगी। किसानों-बागवानों की ओर से खेतों में जीव अमृत का प्रयोग किया जाएगा। इस कारण 2022 के रसायन का प्रयोग बंद हो जाएगा।
कृषि मंत्री बिलासपुर में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शून्य बजट खेती का नाम बदलकर प्राकृतिक खेती, खुशहाल किसान रखा गया है। जिस प्रकार फसलों में रसान का प्रयोग बढ़ रहा है, उससे कैंसर जैसे रोग भी बढ़ रहे हैं।
आईजीएमसी में ही कुछ सालों में 25 फीसदी कैंसर के रोगी बढ़े हैं। यह योजना सिरे चढ़ाने को आगामी बजट में सरकार विशेष बजट का प्रावधान करेगी। पूर्व सरकार ने कृषि विभाग को अमीरों का विभाग बना रखा था।
इस कारण छोटे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा था। भाजपा ने सत्ता में आते ही कृषि विभाग में मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं के लिए पात्रता की शर्तों को आसान बनाया।
सोलर सिंचाई योजना पर खर्च होंगे 240 करोड़
मंत्री ने कहा कि राज्य में सिंचाई सुविधा बेहतर बनाने को सोलर सिंचाई सिस्टम का प्रयोग किया जाएगा। इससे बिजली की बचत के साथ किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर पानी मिलेगा। योजना का लाभ अगर किसान ग्रुप में लेते हैं तो उन्हें 100 फीसदी सब्सिडी मिलेगी। 90 फीसदी सब्सिडी का प्रावधान रहेगा।
जायका -2 होगा फिर से शुरू
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की सुविधा और गुणवत्ता युक्त खेती के लिए प्रदेश में एक बार फिर जायका प्रोजेक्ट शुरू होगा। अब यह प्रोजेक्ट जायका-2 के नाम से चलेगा। इसके लिए 1100 करोड़ की राशि मंजूर हो चुकी है।