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Shimla News: हिमाचल में पहली बार होंगे ओलंपिक यूथ गेम्स, खेलों के कैंलेंडर पर अगली बैठक में होगा फैसला
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पहले जिला स्तर पर होंगी प्रतियोगिताएं, फिर राज्य स्तर पर भिड़ेंगी जिलों की टीमें
हिमाचल ओलंपिक संघ की बैठक में फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में पहली बार राज्य स्तरीय ओलंपिक यूथ गेम्स आयोजित किए जाएंगे। अगले छह महीनों में प्रदेश के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से गांव-गांव और दूरदराज के क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को तलाशा जाएगा। जिला स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय ओलंपिक यूथ गेम्स में अपने जिले का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। यह फैसला रविवार को शिमला के होटल हॉलिडे होम में हिमाचल प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन की कार्यकारिणी की बैठक में हुआ। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने की।
ओलंपिक संघ के महासचिव राजेश भंडारी ने बताया कि रविवार को हिमाचल प्रदेश राज्य कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक में तय किया गया है कि पहले चरण में सभी जिलों में अलग-अलग खेलों की प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि ओलंपिक यूथ गेम्स के खेलों के वार्षिक कैलेंडर पर फैसला संघ की अगली बैठक में होगा। संघ ने तय किया है कि छह माह के भीतर गेम्स की कार्ययोजना पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन राज्य स्तरीय खेल संघों के माध्यम से होगा। इन प्रतियोगिताओं के संचालन की जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन संभालेगी। जिला स्तर पर प्रत्येक खेल की एक सर्वश्रेष्ठ टीम चुनी जाएगी, जो राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपने जिले का प्रतिनिधित्व करेगी। प्रतियोगिताओं के लिए खेलवार नियम, खिलाड़ियों की आयु सीमा, पात्रता और चयन प्रक्रिया तय की जाएगी। लड़कों और लड़कियों की अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के लिए जिला स्तर की खेल एसोसिएशन से भी आयोजन के प्रारूप को लेकर सुझाव मांगे जाएंगे। बैठक में हिमाचल प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव राजेश भंडारी, उपाध्यक्ष ईश्वर रोहाल, नरेंद्र अत्री, कोषाध्यक्ष अमिताभ शर्मा, रमेश चौहान, सुरेंद्र कुमार शांडिल संतोष कुमार मौजूद रहे।
इनसेट
अलग-अलग वर्गों में होंगी स्पर्धाएं
संघ के अनुसार प्रतियोगिताओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए खिलाड़ियों की आयु का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के प्रमाणित दस्तावेज लिए जाएंगे। वहीं, डोपिंग रोकने के लिए सख्त नियम लागू करने का प्रस्ताव है। खिलाड़ियों को प्रतिबंधित पदार्थों और एंटी डोपिंग नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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इनसेट
परीक्षाओं को ध्यान में रखकर बनेगा कैलेंडर
यूथ गेम्स का आयोजन इस तरह किया जाएगा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षाएं प्रभावित न हों। इसके लिए प्रतियोगिताओं का कैलेंडर तैयार करते समय स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों की परीक्षा तिथियों का ध्यान रखा जाएगा। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए अलग-अलग आयोजन केंद्र और खेलवार मैदान तय किए जाएंगे।
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हिमाचल ओलंपिक संघ की बैठक में फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में पहली बार राज्य स्तरीय ओलंपिक यूथ गेम्स आयोजित किए जाएंगे। अगले छह महीनों में प्रदेश के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से गांव-गांव और दूरदराज के क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को तलाशा जाएगा। जिला स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय ओलंपिक यूथ गेम्स में अपने जिले का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। यह फैसला रविवार को शिमला के होटल हॉलिडे होम में हिमाचल प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन की कार्यकारिणी की बैठक में हुआ। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने की।
ओलंपिक संघ के महासचिव राजेश भंडारी ने बताया कि रविवार को हिमाचल प्रदेश राज्य कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक में तय किया गया है कि पहले चरण में सभी जिलों में अलग-अलग खेलों की प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि ओलंपिक यूथ गेम्स के खेलों के वार्षिक कैलेंडर पर फैसला संघ की अगली बैठक में होगा। संघ ने तय किया है कि छह माह के भीतर गेम्स की कार्ययोजना पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन राज्य स्तरीय खेल संघों के माध्यम से होगा। इन प्रतियोगिताओं के संचालन की जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन संभालेगी। जिला स्तर पर प्रत्येक खेल की एक सर्वश्रेष्ठ टीम चुनी जाएगी, जो राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपने जिले का प्रतिनिधित्व करेगी। प्रतियोगिताओं के लिए खेलवार नियम, खिलाड़ियों की आयु सीमा, पात्रता और चयन प्रक्रिया तय की जाएगी। लड़कों और लड़कियों की अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के लिए जिला स्तर की खेल एसोसिएशन से भी आयोजन के प्रारूप को लेकर सुझाव मांगे जाएंगे। बैठक में हिमाचल प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव राजेश भंडारी, उपाध्यक्ष ईश्वर रोहाल, नरेंद्र अत्री, कोषाध्यक्ष अमिताभ शर्मा, रमेश चौहान, सुरेंद्र कुमार शांडिल संतोष कुमार मौजूद रहे।
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अलग-अलग वर्गों में होंगी स्पर्धाएं
संघ के अनुसार प्रतियोगिताओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए खिलाड़ियों की आयु का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के प्रमाणित दस्तावेज लिए जाएंगे। वहीं, डोपिंग रोकने के लिए सख्त नियम लागू करने का प्रस्ताव है। खिलाड़ियों को प्रतिबंधित पदार्थों और एंटी डोपिंग नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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परीक्षाओं को ध्यान में रखकर बनेगा कैलेंडर
यूथ गेम्स का आयोजन इस तरह किया जाएगा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षाएं प्रभावित न हों। इसके लिए प्रतियोगिताओं का कैलेंडर तैयार करते समय स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों की परीक्षा तिथियों का ध्यान रखा जाएगा। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए अलग-अलग आयोजन केंद्र और खेलवार मैदान तय किए जाएंगे।