हिमखंड में दबे जवानों खोजने में आधुनिक उपकरण भी नाकाम, लद्दाख से पहुंची विशेष टीम
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हिमखंड में दबे जवानों को ढूंढने के लिए चलाया गया सर्च ऑपरेशन सातवें दिन भी कामयाब नहीं हो पाया है। लगातार बिगड़ते मौसम के चलते विशेष दस्तों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार को भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन, देर शाम तक जवानों का कोई सुराग नहीं लग पाया। नमज्ञा पंचायत के डोगरी में जवान हिमखंड खिसकने से लापता हुए हैं। भारतीय सेना और आईटीबीपी के सैकड़ों जवान उन्हें ढूंढ रहे हैं।
जम्मू कश्मीर और लद्दाख से आई सेना के ग्लेशियर विशेषज्ञ दस्तों को भी जवानों को तलाशने में कामयाबी नहीं मिल पाई है। लापता जवानों को खोजने के लिए मेटल डिटेक्टर, खोजी कुत्ते और ग्लेशियर एक्सपर्ट टीमें लगातार जुटी हुई हैं।
20 फरवरी को भारत-तिब्बत सीमा के साथ लगते डोगरी नाले में भारतीय सेना के पांच जवान हिमखंड की चपेट में आने से लापता हो गए थे। लापता जवानों की तलाश के लिए जम्मू कश्मीर और लद्दाख से ग्लेशियर विशेषज्ञों की टीमों को बुलाया गया, लेकिन सातवें दिन भी लापता जवानों का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
भारतीय सेना के 275 और आईटीबीपी के 45-50 जवान लापता जवानों को तलाश करने में जुटे हुए हैं। एडीएम पूह शिवमोहन सैनी ने बताया कि खराब मौसम के चलते डोगरी नाले में हिमखंड की चपेट में आए जवानों को तलाशने में रेस्क्यू टीम को दिक्कतें पेश आ रही हैं।