पैदा होते ही इस बच्ची को जंगल में फेंक गई मां, ठंड में तड़पती रही मासूम
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हिमाचल में ममता को कलंकित करने वाली घटना सामने आई है। यहां कड़ाके की ठंड के बीच देर रात बच्ची को पैदा होते ही जंगल में फेंक दिया गया। मामला मंडी जिले का है। यहां नेरचौक बाजार में ये मामला सामने आया है।
कड़ाके की ठंड में एक मां महज कुछ घंटे पहले पैदा हुई अपनी बच्ची को मरने के लिए छोड़ गई। बच्ची की नाभी तक नहीं काटी गई थी। अंधेरा छंटने से पहले तड़के ही ममता को शर्मसार करने वाले इस कृत्य को अंजाम दिया गया।
कई घंटों तक ठंड में बिलखने के बाद जब स्थानीय लोगों ने नवजात बच्ची के रोने की आवाज सुनी तो उसे पुलिस के माध्यम से सीएचसी रत्ती पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने उसकी नाभी काटी। प्राथमिक उपचार के नवजात की हालत स्थिर बताई जा रही है।
लोगों ने सुनी बच्ची के रोने की आवाज, बचाई गई जान
बच्ची को शिशु केंद्र शिमला शिफ्ट किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार वीरवार सुबह करीब आठ बजे नेरचौक ट्रक यूनियन के पास स्थानीय लोगों ने नवजात बच्ची के रोने की आवाज सुनी। लोगों ने पुलिस को फोन पर मामले की जानकारी दी।
बल्ह थाना के एसएचओ संजीव सूद टीम सहित मौके पर पहुंचे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने नवजात बच्ची को सीएचसी रत्ती पहुंचाया। अस्पताल में तैनात डॉ. स्मृति महाजन ने कहा अस्पताल में बच्ची की नाभी भी नहीं काटी गई थी।
पुलिस ने प्राथमिक उपचार के बाद नवजात को बाल संरक्षण अधिकारी को सौंप दिया है। बच्ची को यहां से शिशु केंद्र शिमला में शिफ्ट किया जा रहा है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी दुनी चंद ठाकुर ने कहा कि बाल संरक्षण अधिकारी शैलजा अवस्थी और सामाजिक कार्यकर्ता ज्योति शर्मा को मौके पर भेजा गया था। नवजात को शिशु केंद्र शिमला भेजा जा रहा है। नवजात प्राथमिक उपचार के बाद स्वस्थ है।