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हिमाचल को नहीं मिला सोलर पार्क
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 29 Nov 2014 01:13 PM IST
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हिमाचल प्रदेश को सोलर पार्क नहीं मिल पाया है। पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर और पंजाब सहित देश के 12 राज्यों में सोलर पार्क बनाने के लिए केंद्र ने मंजूरी दे दी है। प्रदेश सरकार की ओर से प्रस्ताव न भेजे जाने के कारण यह चूक हुई है। जबकि, बजट में नरेंद्र मोदी सरकार ने स्पीति में सोलर पार्क बनाने का प्रावधान किया था।
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केंद्र ने गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र, कर्नाटका, उत्तरा प्रदेश, मेघालय, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु और उड़ीसा में 22100 मेगावाट के सोलर पार्क स्वीकृत किए हैं। इसमें से हिमाचल प्रदेश का नाम नहीं है। बजट में प्रदेश के स्पीति में सोलर पार्क बनाने की घोषणा की गई थी।
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उसके बाद प्रदेश सरकार की ओर से प्रस्ताव ही केंद्र को नहीं भेजा गया। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश सरकार की लापरवाही का नतीजा रहा कि हिमाचल को सोलर पार्क नहीं मिल पाया। सर्दी के मौसम में बर्फबारी होने के कारण बिजली के तारें टूट जाते हैं। इससे स्पीति क्षेत्र में बिजली का संकट खड़ा हो जाता है। कई महीने आपूर्ति बाधित रहती है।
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बजट के बाद प्रदेश की ओर से स्पीति में सोलर पार्क के लिए प्रस्ताव भेजा गया था या नहीं, यह बताना मुश्किल है। चेक करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
भानू प्रताप सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, हिम ऊर्जा
कैसे सफल हो सौर ऊर्जा का सपना
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में केंद्र ने सचिवालय, हिपा, एचपीयू और हाईकोर्ट में सोलर संयंत्र लगाने के लिए बजट स्वीकृत किया है। दो माह पहले इन संस्थानों को हिम ऊर्जा विभाग की ओर से अवगत करा दिया गया है।
85 फीसदी रकम केंद्र सरकार की ओर से खर्च की जाएगी, जबकि महज 15 फीसदी बजट संस्थानों को खुद वहन करना है। इसके बावजूद कागजी औपचारिकताएं पूरी नहीं की जा रही हैं। इनमें से तीन प्रोजेक्ट 100-100 किलोवाट के हैं, जबकि हिपा में महज 50 किलोवाट के संयंत्र स्थापित होना है।