जंगली जानवरों के आतंक से जूझ रहे किसानों-बागवानों के लिए अच्छी खबर
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हिमाचल में जंगली जानवरों और बंदरों के आतंक से जूझ रहे किसानों-बागवानों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार ने फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए सौर ऊर्जा और विद्युत ऊर्जा से तैयार बाड़ (फेंसिंग) लगाने के लिए मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना शुरू की है।
प्रदेश भर में सरकार ने कृषि विभाग के सौजन्य से इस योजना को किसानों-बागवानों तक पहुंचाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। मंडी जिले के लिए मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के तहत 1 करोड़ 70 लाख रुपये का बजट सरकार ने जारी कर दिया है। उपनिदेशक कृषि विभाग मंडी डॉ. आरके कौंडल ने बजट मिलने की पुष्टि की है। बाड़ लगाने के लिए 600 रुपये रनिंग मीटर खर्चा आता है।
60 प्रतिशत अनुदान
सरकार इस योजना के तहत 60 प्रतिशत अनुदान देती है और 40 प्रतिशत किसानों का अपना खर्चा होगा। हिमाचल में मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, कांगड़ा, बिलासपुर समेत अनेक जिले ऐसे हैं जहां जंगली जानवरों और बंदरों के आतंक से किसानों ने खेती करना छोड़ दिया है। कृषि उपनिदेशक डा. आरके कौंडल ने बताया कि सौर ऊर्जा और विद्युत ऊर्जा से तैयार होने वाले इस बाड़ में लगी तारों में
12 वोल्ट की करंट का झटका लगेगा। इस झटके से जंगली जानवर और बंदर मरेंगे नहीं, बल्कि झटके से दूर भागेंगे। इससे फसलें सुरक्षित रहेंगी और किसान बागवानों को राहत मिलेगी। किसान कृषि विषयवाद विशेषज्ञ के कार्यालय में जाकर इस योजना की जानकारी के बाद बाड़ लगाने के लिए आवेदन करें। बाड़ लगाने का जिम्मा विभाग कंपनी को सौंपेगा।