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बर्फबारी और बारिश ने मचाया कहर, भूस्खलन से चार मकान क्षतिग्रस्त, छह में दरारें

Sat, 14 Mar 2020 07:17 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, भावानगर (किन्नौर)/कुमारसैन (रामपुर बुशहर)
अमर उजाला नेटवर्क, भावानगर (किन्नौर)/कुमारसैन (रामपुर बुशहर) Published by: Krishan Singh Updated Sat, 14 Mar 2020 07:17 PM IST
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Snowfall and rain created havoc, four houses damaged by landslides, cracks in six
- फोटो : अमर उजाला

हिमाचल के किन्नौर जिले के निचार खंड में बारिश और बर्फबारी से निगान में 10 लोगों के मकानों को नुकसान पहुंचा है। इसमें चार घरों को अधिक नुकसान पहुंचा है जबकि, छह मकानों में दरारें आई हैं। इस घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन की ओर से एसडीएम भावानगर मनमोहन सिंह ने शनिवार को मौके का जायजा लिया। वहीं, स्थानीय देवी मां के मंदिर के भी भूस्खलन की चपेट में आने का खतरा बना हुआ है।

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एसडीएम भावानगर मनमोहन ने बताया कि जिन चार लोगों के मकानों को अधिक खतरा बना हुआ है, उनको प्रशासन की ओर से सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया। इनमें से दो परिवार को फारेस्ट कॉलोनी और दो परिवार को आंगनबाड़ी केंद्र में शिफ्ट किया गया है। प्रशासन के मुताबिक अभी तक प्रारंभिक जांच में 30 लाख रुपये तक के नुकसान का अनुमान है।
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लोगों के मकान पूरी तरह खतरे की जद में हैं। भिल्कू राम पुत्र नंद राम, शिव लाल पुत्र प्यारी चंद, देवशरण पुत्र आत्माराम और शालिग राम सभी निगानी निवासी हैं।प्रशासन की ओर से चार प्रभावित परिवारों को पांच-पांच हजार रुपये की फौरी राहत दी गई है। इसके अलावा उषा माता मंदिर को भूस्खलन की चपेट में आने से बचाने के लिए जल्द एस्टीमेट बनाकर जल्द सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। 

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बिगड़े मौसम से स्टोन फ्रूट फसलों पर संकट

Snowfall and rain created havoc, four houses damaged by landslides, cracks in six

 इस वर्ष हो रही बर्फबारी जहां सेब की फसल के लिए वरदान साबित हो रही है, वहीं निचले इलाकों में लगातार बारिश ने प्लम, बादाम, आडू और चेरी की फसल पर संकट के बादल मंडराए हैं। गौरतलब है कि इन दिनों नारकंडा खंड के निचले क्षेत्रों में प्लम, बादाम और आडू की बेल्ट में फ्लावरिंग सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में इस समय मौसम का साफ रहना काफी जरूरी होता है। साफ मौसम में ही इन फसलों में परागण क्रिया चलती है। मौसम में आए बदलाव से बागवान अब चिंतित हो गए हैं। बागवान निकेश चौहान, रिवाली गांव के अशोक ठाकुर, विक्की चौहान, सुनील चौहान, दीवान चंद भंडारी, यशवंत चौहान, राकेश मेहता सहित अन्य का कहना है कि अगर कुछ दिनों में मौसम साफ नहीं होता है तो उनकी पूरे वर्ष की मेहनत पर पानी फिर जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के भुट्टी, शमाथला, बड़ागांव, कुमारसैन, कीरटी आदि क्षेत्रों में प्लम की ब्लैक हेमर, रेड बयूट बादाम, आड़ू की फसल में फ्लावरिंग हुई है। ऐसे में बिगड़े मौसम ने इस फसल को फिलहाल संकट में डाल दिया है। बागवानी विशेषज्ञ निट्टू धर्मा ने कहा कि आजकल फसलें फ्लावरिंग स्टेज में हैं। फ्लावरिंग के दौरान सेटिंग के लिए धूप जरूरी है। कम से कम दिन में 20 डिग्री तापमान होना आवश्यक होता है। अगर ठंड और बढ़ती है तो इन फसलों पर संकट खड़ा हो सकता है। फ्लावरिंग के समय मौसम का साफ रहना काफी जरूरी हो जाता है।

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