{"_id":"5ee3957c8ebc3e42ae3d311e","slug":"smc-teacher-bharti-case-hearing-in-himachal-pradesh-high-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसएमसी शिक्षक भर्ती रोक मामले में अब शिक्षक भी बने प्रतिवादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसएमसी शिक्षक भर्ती रोक मामले में अब शिक्षक भी बने प्रतिवादी
Fri, 12 Jun 2020 08:18 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 12 Jun 2020 08:18 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसएमसी शिक्षकों की भर्ती के खिलाफ दायर याचिका में हाईकोर्ट ने एसएमसी अध्यापकों को प्रतिवादी बनाते हुए उनसे दो सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर व न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। मामले की आगामी सुनवाई 26 जून को होगी। पिछली सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से हाईकोर्ट को आश्वासन दिया गया था कि कोर्ट के आगामी आदेशों तक प्रदेश के सरकारी स्कूलों में किसी भी नए एसएमसी अध्यापक की नियुक्ति या चयन नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
प्रार्थी कुलदीप कुमार और अन्यों के अनुसार सरकार स्टॉप गैप अरेंजमेंट के नाम पर एसएमसी भर्तियां करने जा रही है। जबकि, एसएमसी शिक्षकों की नियुक्ति गैरकानूनी है। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की सरासर अवहेलना है। प्रार्थियों की यह दलील है कि एसएमसी शिक्षकों की भर्तियां भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के विपरीत हैं।
विज्ञापन
इससे सभी को समान अवसर जैसे मौलिक अधिकार का उल्लंघन हो रहा है। यह भर्तियां शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के भी विपरीत हैं। दूसरी तरफ एसएमसी अध्यापकों का कहना है कि वे वर्ष 2012 से हिमाचल के अति दुर्गम क्षेत्रों में बिना किसी रुकावट के अपनी सेवाएं दे रहे हैं और उनका चयन प्रदेश सरकार की ओर से नियमों के तहत किया गया है। बता दें कि कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के चलते सरकार करीब 2600 एसएमसी शिक्षकों को सेवा विस्तार नहीं दे पा रही है।
विज्ञापन