मोदी के सपनों की स्मार्ट सिटी पर फंसा पेच
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हिमाचल में स्मार्ट सिटी बनाने में केंद्र सरकार के नियम आड़े आ रहे हैं। प्रदेश सरकार धर्मशाला के अलावा 56 शहरों में से किसी एक का चयन करने के लिए अध्ययन कर रही है। कोई भी शहर केंद्र के नियमों के अनुरूप फिट नहीं बैठ रहा है। केंद्र की गाइडलाइन के अनुसार स्मार्ट सिटी बनाने में कुल राशि की पचास फीसदी हिस्सेदारी हिमाचल सरकार की होगी। हिमाचल सरकार का कहना है कि वह इस पर इतना पैसा खर्च नहीं कर सकती।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश में 100 स्मार्ट सिटी में से एक हिमाचल में बनेगा। किस शहर का चयन करना है इस पर भी अभी सहमति नहीं बन पाई है। लेकिन नई गाइडलाइन में प्रदेश सरकार के सामने तीन पेच फंस रहे हैं। अब एक बार फिर मामला केंद्र की मंजूरी पर टिक गया है।
ये हैं बड़े पेच
सबसे बड़ा पेच एक लाख तक जनसंख्या
पीपीपी मोड पर होना है निर्माण कार्य
सरकार को अंदेशा, इससे लोगों पर पड़ेगा कई तरह के टैक्स का बोझ
कुल राशि में पचास फीसदी की हिस्सेदारी हिमाचल सरकार की होगी
आर्थिक संकट से जूझ रही सरकार के लिए यह भी आसान नहीं
दी ये दलीलें, मांगी छूट
सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर तीन बड़ी शर्तों में छूट देने की मांग की
तर्क दिया, हिमाचल की तुलना दूसरे राज्यों से नहीं की जा सकती
यहां की भौगोलिक स्थिति भिन्न, यहां दूसरे राज्यों की तर्ज पर स्मार्ट सिटी के तहत मूलभूत सुविधाएं देना मुश्किल
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि केंद्र से नियमों में छूट मांगी है। नई गाइडलाइन में तीन बड़ी शर्तें हैं, इसमें हिमाचल ने राहत मांगी गई है।