फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Six colleges in Himachal have less than 50 students, 12 have less than 100 students

हिमाचल: छह कॉलेजों में 50, 12 में 100 से कम विद्यार्थी, शिक्षा निदेशालय ने तैयार किया बंद करने का प्रस्ताव

Tue, 04 Feb 2025 01:41 PM IST
Krishan Singh अनिमेष कौशल, शिमला
अनिमेष कौशल, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 04 Feb 2025 01:41 PM IST
सार

 प्रदेश के छह कॉलेजों में 50 और 12 में 100 से कम विद्यार्थी हैं। सरकार के निर्देशों पर कम छात्रों वाले कॉलेजों को बंद करने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रस्ताव तैयार कर दिया है। 

विज्ञापन
Six colleges in Himachal have less than 50 students, 12 have less than 100 students
उच्च शिक्षा निदेशालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के छह कॉलेजों में 50 और 12 में 100 से कम विद्यार्थी हैं। सरकार के निर्देशों पर कम छात्रों वाले कॉलेजों को बंद करने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रस्ताव तैयार कर दिया है। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इन कॉलेजों को बंद करने का फैसला लिया जाएगा। 150 विद्यार्थियों की संख्या वाले कॉलेज 11 हैं। इनको बंद करना है या नहीं, इसको लेकर भी निदेशालय ने प्रस्ताव भेजा है। मंत्रिमंडल की बैठक में तय होगा कि कितने विद्यार्थियों की संख्या वाले कॉलेज बंद किए जाएंगे। बंद होने वाले कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नजदीकी संस्थानों में शिफ्ट किया जाएगा। प्रवक्ताओं, गैर शिक्षकों को आवश्यकता वाले कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने बतायाकि मुख्यालयों व शहरों के कालेजों में दूरदराज क्षेत्रों के कालेजों के मुकाबले विद्यार्थियों की संख्या बेहतर है। ऐसे में सरकार गुणात्मक शिक्षा देने के लिए ऐसे कॉलेजों को बंद करने जा रही है जहां बीते कुछ वर्षों से छात्रों के दाखिले नहीं बढ़ रहे हैं।

विज्ञापन

गौरतलब है कि मार्च 2023 में राज्य सरकार ने भाजपा सरकार के समय एक अप्रैल 2022 के बाद खुले 17 डिग्री और दो संस्कृत कॉलेजों को भी बंद कर दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के आग्रह पर सराज विधानसभा का छत्तरी कॉलेज बंद होने से बच गया था। भाजपा सरकार के समय खुले 24 डिग्री कॉलेजों में से जिन 19 कॉलेजों को बंद किया गया है यहां विद्यार्थियों की संख्या शून्य से 61 के बीच ही थी। सरकार ने बनीखेत, छत्तरी, कुपवी, नौराधार और सुबाथू कॉलेज को जारी रखने का फैसला लिया था। बंद किए जाने वाले कॉलेजों में स्वारघाट में 20, बल्हसीना में 20, मशरूंड में 28, गलोड़ में 10, लंबलू में शून्य, बरांडा में छह, कोटला में एक, चढ़ियार में 12, पांगणा में शून्य, पंडोह में 21, बागा चनौगी में तीन, जलोग में शून्य, सतौन में 11, ममलीग में पांच, चंडी में शून्य, बरूणा में 35 और संस्कृत कॉलेज सिंगला में शून्य व जगत सुख में सिर्फ चार विद्यार्थियों ने शैक्षणिक वर्ष 2022 के दौरान दाखिले लिए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

 इनमें 50 से कम विद्यार्थी
 भलेई कॉलेज में 49, कुपवी में 43, कुकुमसेरी में 38, टिक्कर में 15 और टौणी देवी व गलोड कॉलेज में शून्य विद्यार्थी हैं।

इनमें 51 से 100 विद्यार्थी
शिवनगर कॉलेज में 97, चिंतपूर्णी में 96, रोनहाट में 95, हरीपुर गुलेर में 90, रामशहर में 88, कोटली में 85, पझोता में 82, ननखड़ी में 81, सुग भटोली में 79, थाची में 74, संधोल में 67 और जयनगर में 67 छात्र हैं।

यहां 101 से 150 तक छात्र
श्री नयनादेवी कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या 150 है। रिवालसर कॉलेज में 147, लिलकोठी में 146, रे में 143, डैहर में 135, सुबाथू में 133, चैलकोटी में 132, कुमारसेन में 131, देहरा में 127, गाडागुसैन में 125 और रक्कड़ कॉलेज में 121 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed