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Sirmour News: मंदिर सराय में स्कूल; लोगों ने दान किए कुर्सी, मेज और टाट-पट्टी
Mon, 04 Dec 2023 01:50 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सतौन (सिरमौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, सतौन (सिरमौर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 04 Dec 2023 01:50 PM IST
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मंदिर की सराय की छत पर धूप में बैठकर और कमरे में बिना टाट-पट्टी के पढ़ाई करते गोवा बाड़ी स्कूल के बच्चे।
- फोटो : संवाद
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शिलाई शिक्षा खंड के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक पाठशाला गोवा बाड़ी पूरी तरह ग्रामीणों के रहमोकरम पर चल रही है। कहने तो यह एक सरकारी स्कूल है, लेकिन इस स्कूल के पास सिवा सरकारी नाम और अध्यापक के कुछ भी अपना नहीं है। पूर्व की भाजपा सरकार ने अक्तूबर 2022 में इस स्कूल को खोला। तब से इस स्कूल के पास न तो अपना भवन है, न ही फर्नीचर और किसी दूसरी प्रकार की मूलभूत सुविधा। कक्षाएं गांव के एक मंदिर की जर्जर सराय में लगाई जा रही हैं।
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हैरत की बात यह है कि ग्रामीणों ने दो कुर्सी, एक मेज और एक बॉक्स लाकर स्कूल को दिया। इसके बाद ही अध्यापक के बैठने की व्यवस्था हो पाई। बच्चे कड़कड़ाती ठंड में फर्श पर बैठकर ही कक्षाएं लगाने को विवश हैं। हालांकि ग्रामीणों ने एक-आध टाट-पट्टी का इंतजाम किया है, लेकिन वह नाकाफी है। स्कूल की दयनीय हालत का आलम यह है कि बच्चों के दोपहर के भोजन के लिए भी स्कूल के पास खुद के बर्तन तक नहीं है।
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बर्तन तक ग्रामीणों ने लाकर दिए, इसके बाद भी दोपहर के भोजन को पकाने की व्यवस्था हो पाई। यही नहीं, शौचालय सुविधा न होने के कारण बच्चे खुले में या फिर किसी ग्रामीण के घर जाने को विवश हैं। जानकारी के अनुसार यहां स्कूल खुलने से पहले बच्चे छह किलोमीटर दूर रोनहाट स्कूल में जाने को विवश थे। बच्चों को हो रही असुविधा के चलते इस स्कूल को खोला गया। उस समय डेपुटेशन पर अध्यापक की व्यवस्था की गई।
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नियमित अध्यापक ने इसी वर्ष 9 अक्तूबर को कार्यभार संभाला। इस समय स्कूल में बाड़ी, गोवा, पालो, खुबियाल गांवों के 27 बच्चे (13 छात्र और 14 छात्राएं) शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस स्कूल को खुले एक साल से ऊपर का समय हो चुका है, लेकिन इसे किसी भी प्रकार की सरकारी ग्रांट तक नहीं मिली। इससे यहां अव्यवस्थाओं का आलम है। अध्यापक और ग्रामीण अपने धन से किसी तरह स्कूल की व्यवस्थाएं पूरी करने में जुटे हुए हैं। स्कूल के प्रभारी चैन सिंह सिंगटा ने कहा कि मंदिर की सराय में स्कूल चलाया जा रहा है। स्कूल भवन व दूसरी सुविधाओं को लेकर खंड अधिकारी से पत्राचार किया गया है।
पाठशाला में मूलभूत सुविधाएं तक नहीं
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नीटू, नीलम, विनिता व वार्ड सदस्य गुमान सिंह ने बताया कि स्कूल में मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। स्कूल भवन बनाने के लिए स्थानीय ग्रामीण सुभाष ने 13 बिस्वा जमीन शिक्षा विभाग के नाम की है। इसे भी एक वर्ष हो चुका है, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई काम नहीं हुआ है।
स्कूल का कोड देरी से खुला है। इससे स्कूल को वित्तीय सहायता नहीं दी जा सकी थी। उच्चाधिकारियों से पत्राचार करके शीघ्र समाधान निकाला जाएगा। - गुमान सिंह, शिक्षा खंड अधिकारी शिलाई