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प्रदेश की 21 हजार बस्तियों में जलसंकट, 4 जिलों में सबसे ज्यादा दिक्कत

Sat, 10 Jun 2017 01:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 10 Jun 2017 01:29 PM IST
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shortage of water supply in himachal

हिमाचल की 21 हजार बस्तियों में पेयजल संकट गहरा गया है। इन बस्तियों की पेयजल स्कीमों में पानी का लेबल काफी नीचे चला गया है। जिला मंडी, बिलासपुर, सिरमौर और सोलन जिले में पानी की सबसे ज्यादा किल्लत है। इसका कारण पर्यावरण का दूषित होना, नदी नालों में चैक डैम का न बनाया जाना और स्रोतों के  आसपास पेड़ काटना बताया जा रहा है।

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दूसरे स्रोतों का सही समय पर रखरखाव न होना भी मुख्य कारण माना जा रहा है। हिमाचल में 53 हजार 604 बस्तियां हैं। इसमें से 32,604 बस्तियों में ही लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। पेयजल स्रोतों में जलस्तर करीब डेढ़ सौ फुट से नीचे चला गया है। जिन बस्तियों में पानी का संकट है। 

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उनमें कई पेयजल स्रोत सूखने की कगार पर हैं। इस संदर्भ में प्रदेश सरकार भी उदासीन नजर आ रही है। सरकार की ओर से इन स्रोतों को बचाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। हालांकि स्रोत को बचाने के लिए निचले किनारे पर चेकडैम लगाना होता है, जिससे स्रोत में पानी कम न हो सके। 

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अब 5 एमएलडी से कम पानी नहीं उठाएगा आईपीएच
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग अब उन नदी नालों से पानी लिफ्ट नहीं करेगा, जिन स्रोतों में गर्मियों में पानी बहुत ही कम या फिर सूख जाता है। 10 एमएलडी पानी ही नदी-नालों से ही शहरों के लिए पानी लिफ्ट किया जाएगा। विभाग अब ऐसी ही पेयजल स्कीमों की डीपीआर बनाएगा। 

 

हिमाचल में कई बस्तियों में पानी कम है। समस्या के समाधान के लिए पेयजल स्कीमों की डीपीआर तैयार की जा रही है। कोशिश की जा रही है कि प्रति व्यक्ति को 70 लीटर पानी उपलब्ध कराया जा सके। -अनिल बाहरी, ईएनसी, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग

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