यहां डॉक्टर ही करते हैं अस्पताल की सफाई
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में दो दर्जन डिस्पेंसरियां ऐसी हैं जहां डॉक्टर ही सफाई कर्मचारी बने हुए हैं। बैजनाथ उपमंडल की दो दर्जन आयुर्वेदिक डिस्पेंसरियां बीमार हो गई हैं। इन स्वास्थ्य केंद्रों में कहीं स्टाफ की कमी है तो कहीं पर उधारी के भवन में काम चलाया जा रहा है।
उपमंडल की तीन डिस्पेंसरियों में डॉक्टर को सुबह सफाई का काम भी करना पड़ता है। इतना ही नहीं कई डिस्पेंसरियों में क्लास फोर कर्मी ही सारी जिम्मेवारी संभाले हुए हैं। उपमंडल की 26 डिस्पेंसरियों में मौजूदा समय में चार में चिकित्सक नहीं है।
कहीं स्टाफ तो कहीं भवन की दरकार
यह सभी स्वास्थ्य केंद्र मात्र सात फार्मासिस्ट, सात दाइयों और चार क्लास फोर कर्मियों के बूते चलाई जा रही हैं। संसाई, सिंबल और दियोल में चिकित्सक को अपने आप सफाई और अन्य कार्य करने पड़ रहे हैं। छोटा भंगाल के मुल्थान में स्कूल भवन में चल रही डिस्पेंसरी गिरने के कगार पर है।
कोठी कोहड की डिस्पेंसरी मात्र एक क्लास फोर के सहारे चल रही है। मझैरणा, संसाई, घोड़पीठ की डिस्पेंसरियों के लिए जमीन उपलब्ध है, लेकिन बजट न होने के कारण यह किराये के भवन में चल रही हैं।
विभाग समय-समय पर स्टाफ को लेकर रिपोर्ट प्रेषित करता है और सरकारी आदेशों के तहत ही स्टाफ की कमी को पूरा किया जा सकता है।
-जिला आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डा. दलजीत सिंह