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शोंगटोंग प्रोजेक्ट के मजदूरों का कैंप फूंका, आधा दर्जन घायल
ब्यूरो/अमर उजाला, सांगला (किन्नौर)
Updated Mon, 06 Jun 2016 12:49 PM IST
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प्रदर्शन करते सीटू मजदूर।
- फोटो : अमर उजाला
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शोंगटोंग कड़छम परियोजना के मजदूरों के कैंप को अज्ञात लोगों ने आग लगा दी। सुबह करीब पांच बजे मजदूर कैंप में सो रहे थे। इसी दौरान अचानक पथराव शुरू हो गया। इसके बाद मजदूरों में मारपीट हुई। मारपीट में सात मजदूर घायल हो गए। इनमें से दो गंभीर रूप से घायल हो गए, इन्हें गंभीर हालत में रामपुर रेफर किया गया है। वारदात के बाद यहां दहशत का माहौल है।
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आरोप हैं कि ठेकेदारों ने जम्मू-कश्मीर से दर्जनों बाउंसर बुलाए थे, जिन्होंने वारदात को अंजाम दिया। पथराव से बचने के लिए मजदूर कैंप से बाहर आ गए और सुरक्षित स्थान की तरफ भागे। इसी बीच पीछे से मजदूरों के कैंप में आग लगा दी गई। इससे कैंप में रखा सारा सामान राख हो गया।
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वारदात के बाद सीटू की मजदूर यूनियन ने रिकांगपिओ पुलिस थाना में मामला दर्ज करवाया। हालांकि अब तक पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वारदात में मजदूर अर्जुन साहू, महादेव मुंडा, जितेंद्र पाल, राजेश कुमार, मर्शलन बेंगड़ा, कुशल होरो, जोगा सिंह और सोमर साहु का कैंप में रखा सारा सामान स्वाह हो गया।
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यूनियन ने आरोप लगाया कि आग लगाने वाले वही लोग हैं, जिन्होंने अप्रैल माह में मजदूर कैंप में घुसकर तोड़फोड़ की थी। आरोप लगाया कि पथराव करने वालों में पटेल कंपनी के कुछ मजदूरों की भूमिका भी हो सकती है। शोंगटोंग कड़छम मजदूर यूनियन के महासचिव शक्ति कुमार ने कहा कि पटेल कंपनी और इसके ठेकेदारों पर मजदूरों की करोड़ों रुपये की देनदारी है।
इससे बचने के लिए पटेल कंपनी के उप ठेकेदार हड़ताली मजदूरों को शोंगठोंग परियोजना से भगाना चाहते हैं। चार अप्रैल 2016 से श्रम विभाग ने शोंगटोंग परियोजना में मजदूरों की नई भर्ती पर रोक लगा दी थी। लेकिन फिर भी नए मजदूरों की भर्ती की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों के बहाने जम्मू-कश्मीर से इन उप ठेकेदारों ने बाउंसर लाए हैं।
उन्होंने कहा कि कंपनी के साथ एक बड़े नेता की मिलीभगत है। उधर, इंटक के प्रदेश सचिव कुलवंत ने कहा कि मजदूर कैंप में इंटक के कामगार सोए थे। कैंप पर सीटू के मजदूरों ने हमला किया। उन्होंने कहा कि मारपीट भी हुई। इसमें उनके साथ कामगार घायल हो गए। जबकि इनमें से दो गंभीर रूप से घायल हो गए उन्हें रामपुर रेफर किया गया है।
क्रॉस एफआईआर की दर्ज: एसपी
एसपी खुशाल ने कहा कि सीटू और इंटक ने एक-दूसरे के खिलाफ क्रॉस एफआईआर दर्ज करवाई। उन्होंने कहा कि सीटू का कोई भी मजदूर घायल नहीं हुआ है। लेकिन इंटक के सात मजदूर मारपीट में जख्मी हो गए हैं। इनमें से दो को रामपुर रेफर किया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। आरोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा।
सीटू जिला कमेटी शिमला ने शोंगटोंग प्रोजेक्ट में मजदूरों पर हमले की कड़ी निंदा की है। सीटू ने मजदूरों के साथ मिलकर शेर-ए- पंजाब के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन शाम चार बजे सीटू राज्य सचिव विजेंद्र मेहरा की अगुवाई में हुआ। सभी मजदूरों ने नौ जून को काम बंद रखने और प्रदेशव्यापी हड़ताल करने का एलान किया। उधर, बाउंसरों के हमले पर भी चिंता जताई गई।
सचिव ने बताया कि शोंगटोंग में काम कर रहे मजदूरों के कमरे तथा उसमें रखे सामान को नष्ट किया गया गया है। सचिव ने बताया कि पचास बाउंसरों ने मजदूरों पर हमला किया है। प्रदेश पुलिस महानिदेशक से मांग की है कि इन बाउंसरों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। अन्यथा आईआईटी कमांद (मंडी) जैसी घटना हो सकती है।
शोंगटोंग में मजदूरों पर हो रहे हमले को लेकर सीटू नौ जून को प्रदेशव्यापी हड़ताल के दौरान सचिवालय का घेराव करेगी और हर जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी। इस दौरान मजदूर काम बंद रखेंगे। प्रदर्शन में रमाकांत मिश्रा, किशोरी ढडवालिया, विनोद विरसांटा, जगदीश, पवन, विक्रम, कपिल नेगी, रिंकू, मोहन और सन्नी मौजूद रहे।