फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Shocking Things Happen in MC Shimla house.

नगर निगम शिमला के इतिहास में पहली बार सदन में हुई इतनी बड़ी गलती!

Sat, 01 Jul 2017 12:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 01 Jul 2017 12:46 PM IST
विज्ञापन
Shocking Things Happen in MC Shimla house.

नगर निगम की मासिक बैठक में शुक्रवार को अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला। शुरू हुए अभी चंद मिनट ही हुए थे कि चलते सदन में ही पार्षदों के सामने खाने की चीजें परोस दी गईं।

विज्ञापन


नगर निगम के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा था जब सदन के बीच में ही बिना ब्रेक लिए खाने पीने की चीजें दी जा रही थी। वहीं पार्षद भी उनके सामने परोसी गई पेस्ट्री और पेट्जि का पूरा मजा ले रहे थे।
विज्ञापन


ऐसे में पार्षदों के सवालों का जवाब देने सदन में पहुंचे अफसर भी कहां पीछे रहने वाले थे सदन की मर्यादा को भूल वह भी खाने में जुट गए। 

शिमला की जनता ने पार्षदों को नगर निगम में खाने के चटकारे लेने नहीं बल्कि जनसमस्याओं के निपटारे के लिए भेजा है। पहले ही सदन से साफ हो गया कि निर्वाचित पार्षद जनता की समस्याओं को लेकर कितने गंभीर है?

विज्ञापन
विज्ञापन

सदन खत्म होने से पहले ही खाने में जुटे

Shocking Things Happen in MC Shimla house.

हालांकि कई पार्षद इस बात से अंजान थे कि सदन में ऐसा करना सही नहीं है। लेकिन निगम के अधिकारी और कई पूर्व पार्षद ये भूल गए कि सदन जनता के मुद्दे उठाने के लिए आते हैं। अगर खाना पीना ही है तो इसके लिए अलग से ब्रेक की व्यवस्था है।

यही नगर निगम हाउस का पिछला रिकॉर्ड भी रहा है। नगर निगम की इस मासिक बैठक के एजेंडे में चार ही सवाल रखे गए थे। इनके खत्म होते होते सभी पार्षदों को पेस्ट्री और पेटिज परोसी जा चुकी थी

लेकिन सदन अभी खत्म नहीं हुआ था। कई पार्षदों ने इसके बाद भी सवाल पूछे। करीब साढ़े तीन बजे हाउस स्थगित कर दिया गया। ऐसे में सवाल उठता है कि किसके इशारे पर चलते सदन के बीच खाने पीने की चीजें परोसी गई।

Shocking Things Happen in MC Shimla house.

मेरे हिसाब से कुछ गलत नहीं : अनिरुद्ध
विधायक अनिरुद्घ सिंह ने कहा कि एजेंडे के खत्म होने के बाद ही खाने की चीजें दी गई थी। मेरे हिसाब से इसमें कुछ गलत नहीं है। 

मेरे ध्यान में ऐसा कोई नियम नहीं : भारद्वाज
विधायक सुरेश भारद्वाज ने कहा कि सवाल खत्म हुए तभी ये चीजें परोसी गई। साथ ही मेरे ध्यान में ऐसा कोई नियम नहीं है कि चलते सदन में खाने की चीजें दी जाएं या नहीं।

हमने कभी ऐसी परंपरा नहीं रखी : चौहान
पूर्व मेयर व माकपा नेता संजय चौहान ने कहा कि चलते सदन में हमारे समय में ऐसा कभी नहीं हुआ। इसके लिए बाकायदा ब्रेक ली जाती है। हमने कभी ऐसी परंपरा नहीं रखी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed