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Hamirpur News: शिव प्रताप शुक्ल बोले-पर्यावरण संरक्षण के लिए संरक्षित और संतुलित विकास जरूरी
Sun, 04 Jun 2023 07:55 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 04 Jun 2023 07:55 PM IST
सार
राज्यपाल ने रविवार को हमीरपुर के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में उत्तर क्षेत्र पर्यावरण कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित किया। यह कार्यक्रम आरोग्य भारती हिमाचल प्रदेश तथा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
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राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल
- फोटो : संवाद
विस्तार
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आज संरक्षित और संतुलित विकास की जरूरत है। पश्चिम देशों के मुकाबले आज भारत सबसे कम कार्बन उत्सर्जन कर रहा है। पश्चिम देशों में आज पर्यावरण इतना असंतुलित है कि उसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। राज्यपाल ने रविवार को हमीरपुर के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में उत्तर क्षेत्र पर्यावरण कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित किया। यह कार्यक्रम आरोग्य भारती हिमाचल प्रदेश तथा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
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राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण के शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पर्यावरण संरक्षण हमारी प्रतिबद्धता है, मजबूरी नहीं है। हमारी संस्कृति में पेड़-पौधों का धार्मिक महत्व है और हम उनकी पूजा करते हैं। राजभवन में उन्होंने भी तुलसी के पौधे लगाकर पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण की अच्छी स्थिति है और वन कटान पर भी प्रतिबंध है लेकिन हमें अपने हरित आवरण को संरक्षित करने की आवश्यकता है। स्वस्थ जीवन के हमें रसायन मुक्त कृषि को अपनाना होगा और मोटे अनाज की ओर लौटना पड़ेगा।
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उत्तरी क्षेत्र में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, औद्योगीकरण, जनसंख्या वृद्धि और अनियंत्रित मानवीय गतिविधियों के कारण पर्यावरण संतुलन पर व्यापक असर पड़ रहा है। इसके लिए उन्होंने सतत विकास को बढ़ावा देने, स्वच्छ प्रौद्योगिकी को अपनाने, वायु प्रदूषण से निपटने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए कड़े नियमों की वकालत की। राज्यपाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए आने वाला खतरा है। हिमालयी क्षेत्र विशेष रूप से ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों के प्रति संवेदनशील है। इससे पूर्व राज्यपाल ने एनआईटी परिसर में आंवले का पौधा रोपा। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रो. हीरालाल मुरलीधर सूर्यवंशी ने राज्यपाल का संस्थान में स्वागत किया तथा संस्थान की विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।
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