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Shimla News: साइबर पेट्रोलिंग से आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखेगी शिमला पुलिस
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खास खबर
जिला स्तरीय अपराध एवं कल्याण समीक्षा बैठक में एसएसपी शिमला ने थाना प्रभारियों को जारी किए निर्देश
लोगों को साइबर ठगी से बचाने में भी मिलेगी मदद
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। साइबर पेट्रोलिंग से शिमला पुलिस अब सोशल मीडिया प्लेट फॉर्म की लगातार निगरानी करेगी। इससे जहां जिले में होने वाली आपराधिक घटनाओं पर नजर रखी जाएगी तो वहीं कानून व्यवस्था को भी बनाए रखने में मदद मिलेगी। इससे लोगों को साइबर ठगी से बचाने में भी मदद मिलेगी।
सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और आपत्तिजनक कंटेंट के लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए शिमला पुलिस ने यह फैसला लिया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलते ही पुलिस ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करेगी। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने शनिवार को जिला स्तरीय अपराध एवं कल्याण समीक्षा की बैठक में सभी थाना और चौकी के प्रभारियों को इस बारे में निर्देश जारी किए। बैठक में जिले में मार्च में दर्ज अपराधों की समीक्षा भी की गई और सभी इकाइयों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों के शीघ्र निपटारा किया जाए। विशेषकर एनडी एंड पीएस अधिनियम से जुड़े मामलों की जांच में सुधार करने के लिए भी कहा गया।
उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के मामलों केवल मामलों की संख्या बढ़ाने के बजाय पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाए। सभी मामलों की बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक स्थापित करके मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को संगीन अपराधों में भी कड़ी निगरानी करते हुए शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए। थाना प्रभारियों एवं उपमंडल पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वह अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें और उनके कार्य की निगरानी भी करें। उन्होंने सामुदायिक पुलिसिंग पर भी जोर दिया। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समुदाय के सदस्यों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ समन्वय बढ़ाने के लिए भी कहा है जिससे आम लोगों की समस्याओं तक समय पर पहुंच बनाई जा सके और उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
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इसके अलावा अपने-अपने क्षेत्रों में रात्रि गश्त और नाकाबंदी सुनिश्चित करने ओर निवारक कार्रवाई करने को कहा जिससे कानून-व्यवस्था बनाई रखी जा सके। बैठक में पुलिस कर्मचारियों के कल्याण से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की और उनकी समस्याओं के समाधान के भी निर्देश दिए। बैठक में पर्यवेक्षक अधिकारी, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, पुलिस कार्यालय एवं पुलिस लाइन के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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जिला स्तरीय अपराध एवं कल्याण समीक्षा बैठक में एसएसपी शिमला ने थाना प्रभारियों को जारी किए निर्देश
लोगों को साइबर ठगी से बचाने में भी मिलेगी मदद
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। साइबर पेट्रोलिंग से शिमला पुलिस अब सोशल मीडिया प्लेट फॉर्म की लगातार निगरानी करेगी। इससे जहां जिले में होने वाली आपराधिक घटनाओं पर नजर रखी जाएगी तो वहीं कानून व्यवस्था को भी बनाए रखने में मदद मिलेगी। इससे लोगों को साइबर ठगी से बचाने में भी मदद मिलेगी।
सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और आपत्तिजनक कंटेंट के लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए शिमला पुलिस ने यह फैसला लिया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलते ही पुलिस ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करेगी। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने शनिवार को जिला स्तरीय अपराध एवं कल्याण समीक्षा की बैठक में सभी थाना और चौकी के प्रभारियों को इस बारे में निर्देश जारी किए। बैठक में जिले में मार्च में दर्ज अपराधों की समीक्षा भी की गई और सभी इकाइयों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों के शीघ्र निपटारा किया जाए। विशेषकर एनडी एंड पीएस अधिनियम से जुड़े मामलों की जांच में सुधार करने के लिए भी कहा गया।
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उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के मामलों केवल मामलों की संख्या बढ़ाने के बजाय पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाए। सभी मामलों की बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक स्थापित करके मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को संगीन अपराधों में भी कड़ी निगरानी करते हुए शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए। थाना प्रभारियों एवं उपमंडल पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वह अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें और उनके कार्य की निगरानी भी करें। उन्होंने सामुदायिक पुलिसिंग पर भी जोर दिया। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समुदाय के सदस्यों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ समन्वय बढ़ाने के लिए भी कहा है जिससे आम लोगों की समस्याओं तक समय पर पहुंच बनाई जा सके और उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
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इसके अलावा अपने-अपने क्षेत्रों में रात्रि गश्त और नाकाबंदी सुनिश्चित करने ओर निवारक कार्रवाई करने को कहा जिससे कानून-व्यवस्था बनाई रखी जा सके। बैठक में पुलिस कर्मचारियों के कल्याण से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की और उनकी समस्याओं के समाधान के भी निर्देश दिए। बैठक में पर्यवेक्षक अधिकारी, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, पुलिस कार्यालय एवं पुलिस लाइन के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।