{"_id":"667c3fe2102394e8f3013f10","slug":"shimla-news-dfo-rural-warned-for-delay-in-providing-rti-information-2024-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: आरटीआई सूचना देने में देरी करने पर डीएफओ ग्रामीण को चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: आरटीआई सूचना देने में देरी करने पर डीएफओ ग्रामीण को चेतावनी
Wed, 26 Jun 2024 09:51 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Wed, 26 Jun 2024 09:51 PM IST
सार
आरटीआई सूचना देने में देरी करने पर डीएफओ ग्रामीण को हिमाचल प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने कड़ी चेतावनी दी है। इसके साथ ही तीन हजार रुपये का मुआवजा देने के भी आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश राज्य सूचना आयोग
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने आरटीआई सूचना देने में देरी करने पर डीएफओ ग्रामीण को कड़ी चेतावनी देते हुए शिकायतकर्ता को 3,000 रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। आयोग ने यह मुआवजा आरटीआई आवेदक डॉ. पवन कुमार बंटा को अपनी अपीलों की पैरवी करने और मानसिक प्रताड़ता देने के लिए कहा है। इसके लिए कारण यह बताया गया है कि सूचना अप्रमाणित है और इसे प्रथम अपीलीय अथॉरिटी के निर्देश के बाद जारी किया गया है।
विज्ञापन
मुआवजे के भुगतान का साक्ष्य भी आयोग को देने के आदेश जारी किए गए हैं। मुआवजे का भुगतान करने की अनुपालना रिपोर्ट को भी इस आदेश प्राप्ति के एक हफ्ते के अंदर देने को कहा गया है। आयोग के इस आदेश के अनुसार सभी पार्टियों को विस्तार से सुना गया। आयोग ने पाया कि प्रथम अपीलीय अथॉरिटी के निर्णय के बाद जनसूचना अधिकारी ने सारी सूचना उपलब्ध करवा दी है, जो आरटीआई एक्ट 2005 के तहत स्पष्ट किए गए समय से अधिक समय बीत जाने के बाद दी गई है। जनसूचना अधिकारी को चेतावनी दी जाती है कि भविष्य में आरटीआई के मामलों को देखते समय सतर्क रहें।
विज्ञापन