सात घंटे बंद रहा शिमला-मटौर नेशनल हाईवे, मंडी में दो कच्चे मकानों को नुकसान
हिमाचल के कई इलाकों में रविवार रात को हुई भारी बारिश से भारी नुकसान हुआ है। शिमला-मटौर एनएच सात घंटे बंद रहा। रविवार रात को हुई भारी बारिश के कारण कांगड़ा के दौलतपुर के पास सुरंग के दोनों छोरों में मलबा गिर गया। इस कारण एनएच पर सात घंटे तक यातायात बंद रहा। सिरमौर जिले में रेणुका-सतौन-पांवटा साहिब मार्ग खालाक्यार के समीप भारी मलबा आने से करीब 15 घंटे बंद रहा। मंडी जिले धर्मपुर उपमंडल में दो कच्चे मकान और पधर में दो गोशालाओं को नुकसान पहुंचा है। कांगड़ा जिले में कई जगह ल्हासे गिरने से सड़कें बंद रहीं।
गगल के समीप चैतडू में ल्हासा गिरने से सड़कें बंद हो गईं। कांगड़ा और दौलतपुर के बीच शिमला-मटौर एनएच पर सुरंग के दोनों छोर पर भारी मलबा गिरने से मार्ग बाधित हो गया। पालमपुर में जोरदार बारिश हुई। लंज के कलर गांव में पानी के तेज बहाव में सड़क बह गई। बारिश से सड़कों पर पेड़ ल्हासे गिरने से यातायात काफी प्रभावित हुआ। मंडी के धर्मपुर में डेढ़ दर्जन से अधिक सड़कें यातायात के लिए खोल दी गई हैं। सराज, मंडी और सरकाघाट की आठ सड़कों पर यातायात बाधित है। क्षतिग्रस्त 152 पेयजल योजनाओं और करीब 63 बिजली के ट्रांसफार्मर को बहाल कर दिया है। जिला हमीरपुर में बारिश के कारण ढटवाल में एक पशुशाला और एक कच्चा मकान जमींदोज हो गए। सिरमौर में करीब आधा दर्जन सड़कें कुछ समय तक बंद रहीं। इन्हें बाद में आवाजाही के लिए बहाल कर दिया।
रेणुका-सतौन-पांवटा सड़क भारी बारिश से 15 घंटे रही बंद
सिरमौर में भारी बारिश के चलते कई सड़कों पर भारी मलबा आने से आवाजाही पूरी तरह ठप रही। सिरमौर में आधा दर्जन के करीब सड़कें बारिश के लिए कुछ समय तक बंद रहीं, जिन्हें बाद में आवाजाही के लिए बहाल कर दिया। रेणुका-सतौन-पांवटा साहिब मार्ग खालाक्यार के समीप भारी मलबा आने से तकरीबन 15 घंटे बंद रहा। इस दौरान वाहन चालकों और यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। यह मार्ग रात के समय पहाड़ी से आए मलबे के कारण बंद हो गया था, जिसे शाम पांच बजे बहाल किया गया।
इसके अलावा सतौन सब डिवीजन के अंतर्गत आने वाली मानल सखौली सड़क बंद हैं। विभाग ने इस सड़क को खोलने के लिए मशीन मौके पर भेजी है। सतौन-पोका सड़क पर भी मलबा आने से सड़क जगह-जगह पर बंद हो गई है। सोमवार को ग्रामीणों ने खुद इस सड़क से पत्थर हटाए। इससे कोटगा और कांडों के ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उधर, विभाग के सहायक अभियंता विशाल भारद्वाज ने कहा कि सड़क को खोलने के लिए विभाह 24 घंटे तत्पर है। विभाग ने जगह-जगह मशीनों को भेजा है।
कुछ जगह 24 घंटे मशीनों को रखा गया है। बरसात अत्यधिक होने के कारण सड़क खोलने में कुछ समय लग सकता है। उधर, शहर के कार्मेल कान्वेंट स्कूल के समीप एक पहाड़ी दरकी गई है। पहाड़ी से चट्टान खिसक कर सड़क पर आ गई है। इससे वाहन चालकों और राहगीरों को खतरा बना हुआ है। एनएच-907ए पर पहाड़ी खिसकने के चलते आसपास के लोग और राहगीर सहम गए हैं। स्थानीय लोगों ने एनएच विभाग से इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है ताकि किसी बड़े हादसे की आशंका से बचा जा सके। स्थानीय लोग संदीप कुमार, नितिन, कविता, मनोज कुमार, हरदेव कुमार ने एनएच विभाग से मांग की है कि इस पहाड़ी से बचाव कार्य के लिए कुछ उपाय किए जाएं ताकि वाहन और स्थानीय लोग खिसक रही पहाड़ी की चपेट में आने से बच सकें। इसके लिए विभाग को तुरंत ही समाधान करना चाहिए।