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शिमला: बंदरों के हमले में तीन मंजिला मकान से गिरी बुजुर्ग महिला की मौत, एक सप्ताह से आईसीयू में थी भर्ती

Sat, 05 Sep 2026 01:41 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 05 Sep 2026 01:41 PM IST
सार

शिमला के शांति विहार वार्ड के समिट्री क्षेत्र में बंदरों के हमले के बाद गंभीर रूप से घायल हुई बुजुर्ग महिला सत्या देवी की शनिवार दोपहर करीब 12:00 बजे मौत हो गई।

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Shimla: Elderly woman injured in monkey attack dies at IGMC; she had been admitted to the ICU for a week.
शिमला में बंदरों का आतंक(फाइल)। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के शांति विहार वार्ड के समिट्री क्षेत्र में बंदरों के हमले के बाद गंभीर रूप से घायल हुई बुजुर्ग महिला सत्या देवी की शनिवार दोपहर करीब 12:00 बजे मौत हो गई। तीन मंजिला मकान से नीचे गिरने से सत्या देवी के सिर और छाती पर गंभीर चोटें लगी थीं। इन्हें आईजीएमसी में भर्ती करवाया था। सात दिन से महिला आईसीयू में भर्ती थी। गंभीर चोटों के कारण शनिवार को महिला ने दम तोड़ दिया। स्थानीय पार्षद विनीत शर्मा के अनुसार 63 वर्षीय सत्या देवी 30 अगस्त की सुबह करीब 7:30 बजे मकान की छत पर रखी पानी की टंकियों को देखने गई थीं।

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वहां बंदरों का झुंड बैठा था जो सत्या देवी पर झपट पड़ा। इस हमले से घबराकर सत्या देवी तीन मंजिला मकान से नीचे आंगन में गिर गईं। पड़ोसियों ने उन्हें गिरते हुए देखा था। महिला के परिजन तुरंत घायल अवस्था में सत्या देवी को आईजीएमसी अस्पताल ले आए। यहां उनकी बेटी रजनी भी उनके साथ थीं। डॉक्टरों के अनुसार गंभीर चोटों के चलते महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ। सातवें दिन शनिवार को महिला ने दम तोड़ दिया। पार्षद विनीत शर्मा ने शनिवार को फिर मौके का दौरा किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस क्षेत्र में बंदरों के साथ कुत्तों का भी आतंक है। लोगों ने मांग की कि उन्हें इनसे राहत दिलाई जाए।
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नगर निगम और वन विभाग मौन, पार्षद भड़के
शहर के समिट्री क्षेत्र में बंदरों के हमले के कारण महिला की मौत के बाद पार्षदों ने सवाल उठाए हैं। शांति विहार के पार्षद विनीत शर्मा और साथ लगते भट्ठाकुफर वार्ड के पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि घटना के बाद नगर निगम के अधिकारियों को इसकी सूचना दी थी लेकिन मदद के लिए न निगम आगे आया और न वन विभाग। बंदरों को पकड़ने या कुत्तों को भगाने के लिए कर्मचारी तक नहीं भेजे गए।

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बंदरों के हमले से अब तक पांच मौतें, रोज लहूलुहान हो रहे लोग
शिमला के उत्पाती बंदर अब जानलेवा हो गए हैं। बंदरों के हमले के कारण बुजुर्ग महिला सत्या देवी से पहले भी शहर में एक बच्चे समेत तीन महिलाएं अपनी जान गंवा चुकी हैं। पांच मौतों के बावजूद वन विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन मौन बैठे हैं। हालात यह हैं कि अब शहर में बंदरों की नसबंदी तक नहीं हो रही है। केंद्र सरकार ने बंदरों को वन्यजीव की श्रेणी से बाहर कर दिया है। इसके बाद से न तो वन विभाग इन्हें पकड़ रहा है और न ही नगर निगम कोई कार्रवाई कर रहा है। शहरवासी रोजाना बंदरों के हमले से लहूलुहान हो रहे हैं। शहर में हर महीने बंदरों के काटने के 30 से 40 मामले सामने आ रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो वन विभाग के अनुसार वर्ष 2019 में शिमला शहर में करीब 2,000 बंदर थे। अब सात साल में इनकी संख्या बढ़ गई है। शहर के जाखू, बैनमौर, छोटा शिमला, अपर ढली, लक्कड़ बाजार, बालूगंज, कसुम्पटी, संजौली समेत साथ लगते इलाकों में बंदरों का आतंक सबसे ज्यादा है।
 

वर्ष 2014 : मिडिल बाजार में महिला की मौत
चार नवंबर 2014 को मिडिल बाजार में एक महिला की बंदर के हमले के कारण मौत हो गई थी। महिला ममता (38) अपने घर की छत से कपड़े उठा रही थीं कि अचानक बंदर ने उन पर हमला कर दिया। बंदर को देखकर ममता डर गईं। इससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वह छत से नीचे गिर पड़ीं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।

 

जुलाई 2020 : कुफ्टाधार में महिला की मौत
कुफ्टाधार में 9 जुलाई 2020 को बंदरों के हमले के कारण छत पर काम कर रही 56 वर्षीय राजबाला नीचे गिर गईं थीं। हरियाणा के यमुनानगर की रहने वाली राजबाला की इस हादसे में मौत हो गई थी। वर्ष 2020 में ही संजौली में भी एक बच्चा बंदरों से डरकर घर के लेंट्र से नीचे गिर गया था। बाद में पीजीआई में उसकी मौत हो गई थी।

वर्ष 2023 : ढांडा में युवती ने गंवाई जान
शहर के ढांडा क्षेत्र में बंदरों के हमले के कारण 19 वर्षीय हिमांशी ने भी अपनी जान गंवाई। हिमांशी अपने घर की तीसरी मंजिल पर कपड़े सुखाने गई थीं। इस दौरान बंदरों ने उन पर हमला कर दिया। डरकर हिमांशी अचानक तीसरी मंजिल से नीचे गिर गईं। लहूलुहान हालत में हिमांशी को आईजीएमसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

लोअर बाजार में 71 वर्षीय महिला की मौत
सितंबर 2025 में बंदर के हमले में घायल हुई 71 वर्षीय बुजुर्ग महिला मधु की आईजीएमसी में हृदयघात से मौत हो गई थी। बुजुर्ग महिला घर की सीढ़ियों पर चल रही थीं कि अचानक बंदर ने उन्हें धक्का मार दिया। घायल महिला ने कुछ दिन बाद दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने कहा कि बंदरों के हमले के कारण सीधे तौर पर उनकी मृत्यु नहीं हुई बल्कि चोट के बाद स्वास्थ्य में उत्पन्न जटिलताओं के चलते कार्डियक अरेस्ट हुआ।

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