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Shimla Development Plan: शहर के कोर और ग्रीन एरिया में भी अब मकान बना सकेंगे लोग, जानें शर्तें

Wed, 21 Jun 2023 09:21 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 21 Jun 2023 09:21 PM IST
सार

सरकार की मंजूरी के बाद शहरी विकास विभाग ने भी शिमला डेवलपमेंट प्लान की अधिसूचना जारी कर दी है। यह अधिसूचना 20 जुलाई से शिमला शहर में लागू हो जाएगी।

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Shimla Development Plan: Now people will be able to build houses in the core and green areas of the Shimla cit
शिमला शहर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सालों से अपने सपनों का घर बनाने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। सरकार की मंजूरी के बाद शहरी विकास विभाग ने भी शिमला डेवलपमेंट प्लान की अधिसूचना जारी कर दी है। यह अधिसूचना 20 जुलाई से शिमला शहर में लागू हो जाएगी। नया प्लान लागू होने से शहर के कोर और ग्रीन एरिया में लोग भवन का निर्माण कर सकेंगे। नवंबर 2017 से शहर के इन दोनों क्षेत्रों में भवन निर्माण पर पाबंदी लगी हुई थी। अब यहां भवन निर्माण पर लगी सभी पाबंदियां खत्म हो जाएंगी।
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इन क्षेत्रों के लोग नगर निगम से नक्शा पास करवाकर भवन निर्माण कर सकेंगे। शिमला शहर के लिए करीब 43 साल बाद डेवलपमेंट प्लान तैयार किया है। टीसीपी विभाग ने यह प्लान तैयार किया है। पिछले साल फरवरी में इस प्लान को लांच किया था। इसके बाद 11 मार्च तक शहर की जनता से इस पर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए। इन आपत्तियों के निपटारे के बाद नया प्लात तैयार हो पाया है। हालांकि, इस प्लान पर अभी सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है। माना जा रहा है कि सरकार इस प्लान को इस बार सुनवाई में भी पेश कर सकती है।
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किस एरिया में कितने निर्माण की मिलेगी छूट
1. ग्रीन एरिया
राजधानी में चिह्नत किए 17 ग्रीन क्षेत्रों में भी अब भवन निर्माण की मंजूरी मिलेगी। अभी यहां पाबंदी लगी है। लोग एक मंजिल के साथ रिहायशी एटिक का निर्माण कर सकते हैं। इस क्षेत्र में निर्माण की शर्तें सबसे सख्त रहेंगी। पेड़ काटकर निर्माण की अनुमति नहीं मिलेगी। खाली जमीन पर ही भवन निर्माण की मंजूरी दी जाएगी। ग्रीन एरिया में सिर्फ रिहायशी भवन बन पाएंगे। व्यावसायिक निर्माण की छूट नहीं मिलेगी।
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2. कोर एरिया
शहर के कोर एरिया में सर्कुलर रोड से ऊपर के क्षेत्र को शामिल किया है। ग्रीन एरिया की तरह कोर एरिया में भी अभी भवन निर्माण पर पाबंदी लगी है। प्लान लागू होते ही इस क्षेत्र में रिहायशी और व्यावसायिक दोनों तरह के भवन निर्माण के लिए दो मंजिलों के साथ पार्किंग फ्लोर और एटिक के निर्माण की छूट मिलेगी। इस एटिक का दोनों तरह के निर्माण में रिहायश के तौर पर इस्तेमाल हो सकेगा। इस क्षेत्र में बनने वाले रिहायशी भवनों और व्यावसायिक परिसरों की अधिकतम ऊंचाई 13 मीटर रहेगी।

नॉन कोर एरिया
शहर के सर्कुलर रोड से बाहर के क्षेत्र को नॉन कोर एरिया माना गया है। इसमें अभी ढाई मंजिला भवन निर्माण की छूट है। अब नया प्लान लागू होने से इस एरिया के लोग तीन मंजिला रिहायशी भवन बना सकेंगे। इसके अलावा पार्किंग फ्लोर अलग बना सकेंगे। पार्किंग के साथ रिहायश के लिए एटिक भी बन सकेगी। रिहायशी भवन की अधिकतम ऊंचाई 16.50 मीटर रहेगी। व्यावसायिक भवनों में चार मंजिलें बनाने की छूट रहेगी। पार्किंग फ्लोर और एटिक की भी सुविधा मिलेगी। अधिकतम ऊंचाई 21 मीटर रहेगी।

जाठियादेवी में बनेगा काउंटर मेगनेट टाउन
सिटी डेवलपमेंट प्लान में शिमला शहर की बढ़ती आबादी को लेकर भी कई प्रावधान किए हैं। जाठियादेवी में करीब एक लाख की आबादी वाला नया शहर बसाने की योजना है। इस काउंटर मेगनेट टाउन को बसाने का मकसद शहर से बढ़ती आबादी का बोझ कम करना है। इसके अलावा फागू, नालदेहरा, घंडल और चमयाणा में सैटेलाइट टाउन बनाए जाएंगे। इनमें आठ से दस हजार की आबादी को बसाने की योजना है। मुख्य शहर और नए कस्बों में यातायात को लेकर बाईपास रोड तैयार होंगे। शहर में रोपवे आधारित यातायात व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा। रोपवे अथाॅरिटी इसके लिए शहर में रोपवे का जाल बिछाने के काम पर काम भी कर रही है। नया प्लान अगले 20 साल यानि साल 2041 तक की जरूरतों को देखते हुए तैयार किया है।




 

ग्रीन एरिया में लागू होंगी यह शर्तें

शहर में चिह्नित 17 ग्रीन क्षेत्रों में भी बना सकेंगे भवन
ग्रीन एरिया में बनेंगे सिर्फ रिहायशी भवन, चेंज ऑफ लैंड यूज की नहीं मिलेगी मंजूरी
भवन निर्माण के लिए पहाड़ी की 3.50 मीटर तक ही कर पाएंगे खुदाई
हरे पड़े से दो मीटर जबकि वन क्षेत्र से पांच मीटर की दूरी पर ही निर्माण को मिलेगी मंजूरी
इस क्षेत्र के भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था करनी होगी
पुराने भवनों के मालिक ओल्ड लाइन पर बना सकेंगे भवन
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