बड़बोले नेताओं और साहित्यकारों पर शांता का बड़ा बयान
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भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद शांता कुमार ने कहा कि हिंदुत्व के नाम पर आए दिन कुछ लोग जो बयानबाजी कर रहे हैं, वह हिंदुत्व नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कुछ नेताओं को बुलाकर हिंदुत्व पर उनकी ओर से की गई बयानबाजी को लेकर उन्हें समझाया। अमित शाह का यह बेहतर और जरूरी कदम था लेकिन, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस कदम को देरी से उठाया।
जब किसी नेता ने हिंदुत्व पर बयानबाजी की थी अगर तभी उसे रोक दिया जाता तो आज की स्थिति पैदा न होती। हिंदू धर्म पर बोलने वाले नेता हिंदुत्व को पूरी तरह नहीं समझे हैं। शांता ने कहा कि करोड़ों हिंदू गाय को माता के रूप में पूजते हैं।
साहित्यकारों पर भी दिया बड़ा बयान
यह सदियों पुरानी परंपरा है। लिहाजा, देश में रहने वाले सभी धर्मों के लोगों को हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। श्रीनगर की एक मस्जिद में मूए मुबारक रखा हुआ है। करोड़ों मुसलमानों का इस पर विश्वास है। ऐसे में हम सभी को भी उनके विश्वास का सम्मान करना चाहिए।
साहित्यकारों का सम्मान वापस करना गलत
शांता कुमार ने कहा कि बहुत से साहित्यकारों ने अपने सम्मान वापस किए हैं। उन्हें ऐसा कठोर कदम उठाना नहीं चाहिए था। विरोध के और तरीके भी हो सकते थे। लेकिन, उन साहित्यकारों की भावनाओं का सम्मान भी किया जाना चाहिए।