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Shanta Kumar: बार-बार दवाइयों के सैंपल फेल होना चिंताजनक, कानून बदला जाए

Sat, 23 Sep 2023 07:18 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, पालमपुर (कांगड़ा)
संवाद न्यूज एजेंसी, पालमपुर (कांगड़ा) Published by: Krishan Singh Updated Sat, 23 Sep 2023 07:18 PM IST
सार

 शांता  कुमार ने मुख्यमंत्री सुक्खू से आग्रह किया है कि हिमाचल के इस दवाई उद्योग के शानदार भविष्य को बदनामी से बचाया जाए। जरूरत हो तो कानून बदला जाए।

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Shanta Kumar said it is worrying that medicine samples are failing again and again.
पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि हिमाचल के दवाई उद्योग में बनाई दवाइयां के बार-बार सैंपल फेल होना चिंताजनक हैं। हिमाचल की 12 दवाइयां फेल होने का समाचार अभी आया है। कुछ समय पहले समाचार आया था कि छह मास में हिमाचल की 93 दवाइयां के सैंपल फेल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत दवाई उद्योग उत्पादन में पूरे विश्व में एक अग्रणी स्थान रखता है। सस्ती जैनरिक दवाई बनाने में भारत को विश्व की फार्मेंसी भी कहा जाता है। इस उद्योग में करोड़ों रुपये लगा है और हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है।

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उन्होंने कहा कि हिमाचल के लिए सौभाग्य की बात है कि देश के दवाई उद्योग का 40 प्रतिशत योगदान हिमाचल का है। उन्होंने कहा कि अत्यंत दुर्भाग्य का विषय है कि कुछ भ्रष्टाचारी उत्पादक और अधिकारियों के कारण हिमाचल का दवाई उद्योग बदनाम होता जा रहा है। इतनी अधिक संख्या में दवाइयां का सैंपल फेल होना चिंताजनक है। 22 उद्योग ऐसे हैं जिनकी दवाइयां बार-बार फेल होती हैं। प्रदेश के इस उद्योग की बदनामी का एक मात्र कारण यह है कि सख्त कार्रवाई नहीं होती। शांता ने मुख्यमंत्री सुक्खू से आग्रह किया है कि हिमाचल के इस दवाई उद्योग के शानदार भविष्य को बदनामी से बचाया जाए। जरूरत हो तो कानून बदला जाए।

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