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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shanta Kumar said - Anurag Thakur should raise the issue of Shanan power project with the Prime Minister

Kangra News: शांता कुमार बोले- अनुराग ठाकुर प्रधानमंत्री से उठाएं शानन बिजली परियोजना का मुद्दा

Sat, 15 Apr 2023 07:40 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, पालमपुर (कांगड़ा)
संवाद न्यूज एजेंसी, पालमपुर (कांगड़ा) Published by: Krishan Singh Updated Sat, 15 Apr 2023 07:40 PM IST
सार

पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि जोगिंद्रनगर की शानन बिजली परियोजना की लीज डीड 2024 मेंं खत्म हो रही है। ऐसे में अब यह परियोजना हिमाचल को मिल जानी चाहिए। 

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Shanta Kumar said - Anurag Thakur should raise the issue of Shanan power project with the Prime Minister
पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि जोगिंद्रनगर की शानन बिजली परियोजना की लीज डीड 2024 मेंं खत्म हो रही है। ऐसे में अब यह परियोजना हिमाचल को मिल जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में शायद इस प्रकार का और कोई उदाहरण नहीं होगा कि लोक सभा के कानून बनाने के बाद भी हिमाचल प्रदेश के साथ लगातार करीब 56 सालों से यह अन्याय हो रहा है। पुनर्गठन कानून के अनुसार 1966 में ही शानन बिजली घर हिमाचल प्रदेश को मिलना चाहिए था। दूसरी धारा के अनुसार भी 1971 में मिल जाना चाहिए था।

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1925 में अंग्रेजों ने उस समय की मंडी रियासत के साथ 99 सालों की लीज डीड की थी और यह 2024 में समाप्त हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और हिमाचल से केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर से आग्रह किया है कि वे विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर को साथ लेकर दिल्ली जाएं और इस विषय को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलें। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से भी आग्रह किया है कि वह भी प्रधानमंत्री से मिलें। हिमाचल को अब इस अन्याय को और अधिक सहन नहीं करना चाहिए। जोगिंद्रनगर को 110 मेगावाट का शानन बिजली घर 1925 में अंग्रेजों के समय बनाया गया था। उस समय जोगिंद्रनगर मंडी रियासत का हिस्सा था।
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शांता ने कहा कि 1978 में हिमाचल का मुख्यमंत्री बनने पर उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व हरियाणा के मुख्यमंत्री देवी लाल के सामने तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के साथ उन्होंने यह मामला उठाया था और इस अन्याय को समाप्त करने का आग्रह किया था। प्रधानमंत्री ने बिल्कुल सहमति प्रकट की थी। लेकिन, प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि 1966 के पुनर्गठन के बाद शानन बिजली घर पंजाब को दिया गया था। हालांकि, इस बात के लिए उनके पास कोई प्रमाण नहीं था। देसाई ने इस मसले पर कमेटी का गठन किया। छह महीने के बाद उस कमेटी की अनुकूल रिपोर्ट आई, लेकिन आगे कुछ नहीं हुआ।

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