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एचपीयू: वीसी की गाड़ी के आगे लेटे एसएफआई कार्यकर्ता, पुलिस के साथ धक्कामुक्की

Mon, 16 Aug 2021 06:22 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 16 Aug 2021 06:22 PM IST
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SFI protest in hpu shimla gherao vice chancellor car in hpu campus
पुलिस कर्मियों के साथ एसएफआई कार्यकर्ताओं की धक्कामुक्की। - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में सोमवार को एसएफआई कार्यकर्ता कुलपति की गाड़ी के आगे लेट गए। इन्हें हटा रहे पुलिस कर्मियों के साथ भी कार्यकर्ताओं की धक्कामुक्की हो गई। विरोध प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने सोमवार सुबह 9 बजे कुलपति कार्यालय के बाद वीसी की गाड़ी रोक ली। नारेबाजी करते कार्यकर्ता गाड़ी के आगे लेट गए। पुलिस से धक्कामुक्की में कुछ छात्रों को चोटें भी आई हैं। प्रदर्शन में छात्राएं भी शामिल रहीं। किसी तरह पुलिस के जवान और विवि के सुरक्षा कर्मी कार्यकर्ताओं को हटाने में सफल रहे। इसके बाद कुलपति अपने कार्यालय पहुंचे। एसएफआई के छात्र नेताओं ने कुलपति पर विवि परिसर में आरएसएस की बैठक विवि के खर्चे पर करवाने और अपने पद का प्रयोग राजनीतिक आकाओं को खुश करने का आरोप लगाया। 

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सोमवार सुबह दस बजे कुलपति कार्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए राज्यपाल विश्वनाथ राजेंद्र आर्लेकर आ रहे थे। इससे पहले साढ़े 10 बजे एसएफआई कार्यकर्ता प्रदर्शन बंद कर राज्यपाल के स्वागत के लिए खड़े हो गए। राज्यपाल का स्वागत करने के बाद कार्यकर्ताओं ने फिर प्रदर्शन शुरू कर दिया। 
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एसएफआई के राष्ट्रीय सह सचिव दीनित देंटा ने कहा कि पहले विवि के 25 लाख खर्च कर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मूर्ति की स्थापना की गई। अब उनकी पुण्यतिथि का बहाना कर विवि में आरएसएस की बैठक हो रही है। वह राजनीतिक आकाओं को खुश कर हमीरपुर से विधानसभा चुनाव में टिकट पाने का प्रयास कर रहे हैं।
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राज्य सचिव अमित ठाकुर ने कहा कि कुलपति बताएं कि विवि में पूर्व प्रधानमंत्री पुण्यतिथि के नाम पर किए जा रहे कार्यक्रम सरकारी कार्यक्रम है या आरएसएस का। उन्होंने कहा कि बैठक में आए राज्यपाल और शिक्षा मंत्री का एसएफआई ने स्वागत किया, मगर विवि को आरएसएस का अखाड़ा नहीं बनने दिया जाएगा। 


जब पूछा तो वीसी बोले, मेरी मर्जी जिसे बुलाऊं : एसएफआई 
एसएफआई राज्य सचिव अमित ठाकुर ने कहा कि जब कुलपति से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मेरी मर्जी जिस मर्जी को बुलाऊं। उन्होंने कहा कि कुलपति की नियुक्ति के मामले और अयोग्य लोगों की हुई भर्तियों को लेकर तथ्य जुटाए जा चुके हैं। इसको लेकर एसएफआई जल्द हाईकोर्ट जाएगी। 

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