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पंजाब की तर्ज पर लागू करवाएं 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें
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seven pay commission demand
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ ने सरकार को भेजा मांगपत्र
संघ ने प्रदेश सरकार से की वेतन वृद्धि की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ (हपुटा) ने कुलपति के माध्यम से प्रदेश सरकार को मांगपत्र भेजा। इसमें हपुटा अध्यक्ष प्रो. श्याम लाल कौशल और सचिव प्रो. आरएल जिंटा ने पंजाब वेतन आयोग की तर्ज पर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों पर सरकारी कर्मचारियों के वेतन में दोगुना वृद्धि हुई है। उन्होंने न्यूनतम 6,950 से 18000 रुपये प्रतिमाह वेतन करने की सिफारिश की है, जिसे एक जनवरी 2016 से लागू करने की सिफारिश शामिल है। इससे औसतन हर सेवानिवृत्त कर्मचारी की पेंशन में बीस फीसदी वृद्धि दर्ज की है, यह पिछले वेतन आयोग की सिफारिश पर की गई वेतन वृद्धि से दोगुना है। प्रदेश में पूर्व में की गई वेतन वृद्धि यूजीसी के स्केल से कम है। इससे विवि के शिक्षकों में रोष है।
कौशल ने कहा कि प्रदेश सरकार इसके बावजूद सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने में देरी कर रही है। इसलिए उन्होंने शिक्षक समुदाय की ओर से लंबित 2016 देय यूजीसी स्केल और वेतन वृद्धि को जल्द दिए जाने की मांग की है। हरियाणा सरकार ने तीन साल पहले इस स्केल को दे दिया है। हपुटा पदाधिकारियों ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश गर्वनमेंट कॉलेज शिक्षक संघ के यूजीसी पे स्केल को लागू किए जाने को लेकर चलाए आंदोलन का समर्थन किया है।
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संघ ने प्रदेश सरकार से की वेतन वृद्धि की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ (हपुटा) ने कुलपति के माध्यम से प्रदेश सरकार को मांगपत्र भेजा। इसमें हपुटा अध्यक्ष प्रो. श्याम लाल कौशल और सचिव प्रो. आरएल जिंटा ने पंजाब वेतन आयोग की तर्ज पर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों पर सरकारी कर्मचारियों के वेतन में दोगुना वृद्धि हुई है। उन्होंने न्यूनतम 6,950 से 18000 रुपये प्रतिमाह वेतन करने की सिफारिश की है, जिसे एक जनवरी 2016 से लागू करने की सिफारिश शामिल है। इससे औसतन हर सेवानिवृत्त कर्मचारी की पेंशन में बीस फीसदी वृद्धि दर्ज की है, यह पिछले वेतन आयोग की सिफारिश पर की गई वेतन वृद्धि से दोगुना है। प्रदेश में पूर्व में की गई वेतन वृद्धि यूजीसी के स्केल से कम है। इससे विवि के शिक्षकों में रोष है।
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कौशल ने कहा कि प्रदेश सरकार इसके बावजूद सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने में देरी कर रही है। इसलिए उन्होंने शिक्षक समुदाय की ओर से लंबित 2016 देय यूजीसी स्केल और वेतन वृद्धि को जल्द दिए जाने की मांग की है। हरियाणा सरकार ने तीन साल पहले इस स्केल को दे दिया है। हपुटा पदाधिकारियों ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश गर्वनमेंट कॉलेज शिक्षक संघ के यूजीसी पे स्केल को लागू किए जाने को लेकर चलाए आंदोलन का समर्थन किया है।
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