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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Seprate OPD for children in IGMC.

IGMC: गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए होगी अलग ओपीडी

Thu, 30 Jun 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 30 Jun 2016 12:02 AM IST
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Seprate OPD for children in IGMC.
प्रत्येक बुधवार को जन्म के बाद कई बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए अलग से ओपीडी होगी। - फोटो : अमर उजाला

आईजीएमसी शिमला में प्रत्येक बुधवार को जन्म के बाद कई बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए अलग से ओपीडी होगी। अस्पताल में यह पहली बार डिस्ट्रिक्ट अरली इंटरवेंशन सेंटर खोला गया है। बुधवार को छह विभागों के स्पेशलिस्ट डॉक्टर यहां बैठकर 0 से लेकर 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों का उपचार करेंगे।

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ओपीडी में आई, ईएनटी, मेडिकल ऑफिसर, डेंटिस्ट, साइकोथेरेपिस्ट और साइकोलोजिस्ट डॉक्टर बैठेंगे। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने सेंटर का उद्घाटन किया। पीडियाट्रिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी सूद ने बताया कि इस ओपीडी में जन्म के बाद होने वाली बीमारियों का इलाज 4डी पद्धति से किया जाएगा।
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इसमें की तीस तरह की बीमारियों को लिया गया है। इसके बाद डॉक्टर तीन तरह के तरीकों से बच्चों का उपचार करेंगे। इस इलाज में आशा वर्कर घर- घर जाकर नवजात शिशु ( 0 से लेकर 6 सप्ताह), उसके बाद 6 सप्ताह से लेकर 6 महीने तक के बच्चों की आंगनबाड़ी सेंटर और मोबाइल हेल्थ टीम साल में दो बार स्क्रीन करेंगे।

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स्कूलों में भी होगी मेडिकल जांच

Seprate OPD for children in IGMC.
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने सेंटर का उद्घाटन किया। - फोटो : अमर उजाला

वही 6 वर्ष से लेकर 18 साल तक के बच्चों की साल में एक मर्तबा स्कूल में जांच की जाएगी। अधिक बीमार बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा जाएगा। इस दौरान खुलासा हुआ कि जन्म होने के बाद 17 लाख बच्चे इफेक्ट होते हैं और 9.6 नवजातों की मौत हो जाती है।

ऑनलाइन ओपीडी का भी उद्घाटन
अस्पताल में इस मौके पर ओपीडी रजिस्ट्रेशन का उद्घाटन भी किया गया। प्रदेश के सैकड़ों लोग मोबाइल से ही घर बैठकर ओपीडी में डॉक्टर से जांच करवाने के लिए पर्ची की रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे। साइट पर स्क्रॉल पर इसकी जानकारी लोगों के लिए उपलब्ध करवा दी गई है।

ओपीडी रजिस्ट्रेशन के लिए डॉ. अंजलि चौहान को नोडल ऑफिसर बनाया गया है। सहायक नोडल ऑफिसर भूपेश उनियाल भी इसमें शामिल है। अस्पताल में मेडिसन, आर्थो, सर्जरी, स्किन, आई, ईएनटी, कार्डियोलोजी और पल्मोनरी मेडिसन के लिए मरीज पर्ची बना सकेंगे।

पूरे प्रदेश में 161 मोबाइल हेल्थ टीम
अस्पताल में बताया गया कि पूरे प्रदेश भर में एमएचटी की कुल 161 टीमें है। जिनमें कि 135 टीमें पूरी हो चुकी है। यह सभी ब्लॉक्स में मौजूद है।

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