स्क्रब टाइफस: शोध में बड़ा खुलासा, शरीर के कई अंग कर दिए बेकार
स्क्रब टाइफस बुखार न केवल जानलेवा है बल्कि इससे शरीर के कई अंग काम करना बंद कर रहे हैं। इसका बैक्टीरिया स्नायु तंत्र (नर्वस सिस्टम) में हमला करता है। इससे मरीज सुधबुध खोने से लेकर लकवे जैसे कई शारीरिक विकारों का शिकार हो जाते हैं। यह खुलासा आईजीएमसी के मेडिसिन और न्यूरोलॉजी विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों के संयुक्त अध्ययन में हुआ है।
विशेषज्ञों ने यह अध्ययन आईजीएमसी शिमला में दाखिल 18 साल से ज्यादा उम्र के 323 मरीजों पर किया। इनमें न्यूरोलॉजिकल डिस्फंक्शन की जांच की गई। इनमें से 37 मरीजों में नर्वस सिस्टम से जुड़े विकार पाए गए। 31 मरीजों यानी 84 फीसदी में अल्टर्ड सेंसोरियम पाया गया। यानी मरीजों ने पूरी तरह से सुधबुध खो दी। चार मरीजों यानी 11 फीसदी में सेरेबेलिटीस विकार पाया गया। इस विकार से मरीज के शरीर का समन्वय बिगड़ गया। वे ठीक से चल-फिर और उठ-बैठ नहीं सके।
एक मरीज यानी दो फीसदी में एक्यूट ट्रांसवर्स माईलिटिस पाया गया। यानी उनके शरीर के निचले हिस्सों में हरकत कम हो गई। एक अन्य मरीज की आंखों के आसपास सूजन हो गई। ऐसी सूजन से अंधेपन का भी खतरा हो सकता है। हालांकि, इन सभी मरीजों का एंटी रिकेटसियल थेरेपी से इलाज कर लिया गया और उनमें सुधार हुआ।
ऐसे होता है स्क्रब टाइफस
स्क्रब टाइफस बुखार आम तौर पर हिमाचल में बरसात में होता है। ये घास के बीच एक माइट के काटने से होता है। माइट के काटने के बाद इसका बैक्टीरिया खून में मिल जाता है, जिसके बाद ये तेज बुखार पैदा कर देता है। हिमाचल में हर साल इस बुखार से मरीजों की जानें जाती हैं या उनके दूसरे शारीरिक विकार पैदा होते हैं।
ऐसे बचें स्क्रब टाइफस से
स्क्रब टाइफस से बचाव के लोगों को घास उगे क्षेत्रों में शरीर को नंगा नहीं रखना चाहिए। जुराबों के साथ लंबे बूट पहनने चाहिए। अगर माइट के काटने के बाद बुखार आए तो तुरंत चिकित्सकों से संपर्क करें। इसकी जांच करवा लें। समय पर उपचार होने पर इस रोग से बचा सकता है। सामान्य बुखार से अलग इसका इलाज एंटी रिकेटसियल दवाओं से होता है।
इन डॉक्टरों ने किया अध्ययन
यह अध्ययन मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. बलवीर सिंह वर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. एसके महाजन, डॉ. अभिनव राणा और न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. सुधीर शर्मा की टीम ने संयुक्त रूप से किया है। डॉ. एसके महाजन ने इस अध्ययन की पुष्टि की है।