{"_id":"603ce3db295c76535569d7a1","slug":"school-cluster-will-be-developed-in-himachal-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल में हर पांच किलोमीटर में बनेगा स्कूल क्लस्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल में हर पांच किलोमीटर में बनेगा स्कूल क्लस्टर
Tue, 02 Mar 2021 05:00 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 02 Mar 2021 05:00 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश में हर पांच किलोमीटर के दायरे में एक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के आसपास स्थित सभी सरकारी उच्च, मिडल और प्राथमिक स्कूलों का क्लस्टर बनाया जाएगा। एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से यह व्यवस्था लागू की जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलाें से 15 मार्च तक क्लस्टर स्कूलों की सूची मांगी है। सरकार से मंजूरी के बाद स्कूल क्लस्टरों को अधिसूचित किया जाएगा।
विज्ञापन
आसपास के स्कूलों में परस्पर सहयोग, संसाधनों के साझाकरण को राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्कूल क्लस्टर बनाने का प्रावधान किया गया है। इसी कड़ी में सरकार ने स्कूल क्लस्टर बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। चार से 12 स्कूलों को जोड़कर एक स्कूल क्लस्टर बनाया जाएगा। इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी की समस्या भी दूर हो जाएगी। शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों में क्लस्टर से शिक्षक भेजे जाएंगे।
विज्ञापन
स्कूल क्लस्टर बनाने से स्कूलों की कला, संगीत, खेल, व्यवसायिक विषयों, कंप्यूटर की शिक्षा और विषय से संबंधित शिक्षकों का आदान-प्रदान करना संभव होगा। पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, खेल के मैदान, खेल उपकरण जैसी सुविधाएं साझा रूप से प्रयोग की जा सकेंगी। शिक्षण अधिगम सामग्री के साझाकरण, संयुक्त सामग्री निर्माण, आईसीटी के माध्यम से वर्चुअल कक्षाओं का आयोजन, कला और विज्ञान प्रदर्शनियां, खेल गतिविधियां, प्रश्नोत्तरी, वाद-विवाद, भाषण प्रतियोगिता, नाटक, एकांकी की संयुक्त तैयारी और प्रदर्शन सुगम होगा। यदि कोई स्कूल भौगोलिक कारणों से बहुत ही अलग-थलग है तो उसे क्लस्टर में शामिल करना अनिवार्य नहीं होगा।
विज्ञापन
उस स्कूल के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। एक क्लस्टर स्कूल में विद्यार्थियों और स्कूलों की संख्या स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकती है। एक क्लस्टर में विद्यार्थियों की संख्या दो सौ से दो हजार के बीच रहेगी। स्कूल प्रबंधन समिति की व्यवस्था पूर्व की तरह रहेगी। स्कूल क्लस्टर प्रबंधन समिति का गठन किया जाएगा। इसमें हर पाठशाला के प्रमुख/वरिष्ठ शिक्षक को शामिल किया जाएगा।