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Shimla News: राजधानी में बसों में खुलेआम ओवरलोडिंग, नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां
Tue, 24 Feb 2026 11:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 11:59 PM IST
सार
राजधानी में स्कूल खुलते ही बसों में ओवरलोडिंग शुरू हो गई है। स्कूल टाइम में बसों की कमी के चलते सुबह शाम चलने वाली बसों में भारी ओवरलोडिंग हो रही है। बस चालक खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। बसों में ठूंस-ठूस कर लोगों और स्कूली बच्चों को भरा जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर...
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आईजीएमसी की न्यू ओपीडी के पास बस स्टॉप पर बस में बैठने की कोशिश करते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
राजधानी में स्कूल टाइम में बसों की कमी के चलते लोगों खासकर स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह और शाम लोग ओवरलोड बसों में जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। स्कूली बच्चे खचाखच भरी बसों में दमघोंटू सफर कर रहे हैं। इससे बच्चों की सेहत पर भी असर पड़ रहा है। सुबह स्कूल पहुंचने से पहले ही बच्चे थकान महसूस कर रहे हैं। उधर सरकारी और निजी सभी बसों में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
पुलिस के साथ परिवहन विभाग भी आंखें बंद करके बैठा है। मंगलवार को शहर के कई बस स्टॉपेज पर लापरवाही का नजारा देखने को मिला। दोपहर करीब 3:15 बजे आईजीएमसी के पास स्थित बस स्टॉपेज पर बसों में जमकर ओवरलोडिंग देखने को मिली। शहर के विभिन्न स्कूलों के बच्चे छुट्टी के बाद वापस घर जाने के लिए बस स्टॉपेज पर पहुंचे। यहां से संजौली, ढली, कुफ्टाधार और भराड़ी आदि क्षेत्रों को जाने वाली बसें खड़ी थीं। देखते ही देखते चंद मिनटों में यह सभी बसें भर गईं।
ज्यादातर बसों में ओवरलोडिंग हो गईं। स्कूली बच्चे बस में सीट पाने के लिए भागकर सड़क को क्रॉस करते नजर आए। चिंता की बात यह है कि इस समय मौके पर ट्रैफिक को संचालित करने के लिए कोई पुलिस कर्मी नहीं था। बस फुल होने के बावजूद परिचालक लोगों को जबरन बसों में बैठाते नजर आए। शहर के अन्य बस स्टॉपेज पर भी इसी तरह की लापरवाही देखने पर मिली। पुराना बस स्टैंड और हिमलैंड के पास भी बसों में जमकर ओवरलोडिंग हो रही है।
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पुलिस के साथ परिवहन विभाग भी आंखें बंद करके बैठा है। मंगलवार को शहर के कई बस स्टॉपेज पर लापरवाही का नजारा देखने को मिला। दोपहर करीब 3:15 बजे आईजीएमसी के पास स्थित बस स्टॉपेज पर बसों में जमकर ओवरलोडिंग देखने को मिली। शहर के विभिन्न स्कूलों के बच्चे छुट्टी के बाद वापस घर जाने के लिए बस स्टॉपेज पर पहुंचे। यहां से संजौली, ढली, कुफ्टाधार और भराड़ी आदि क्षेत्रों को जाने वाली बसें खड़ी थीं। देखते ही देखते चंद मिनटों में यह सभी बसें भर गईं।
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ज्यादातर बसों में ओवरलोडिंग हो गईं। स्कूली बच्चे बस में सीट पाने के लिए भागकर सड़क को क्रॉस करते नजर आए। चिंता की बात यह है कि इस समय मौके पर ट्रैफिक को संचालित करने के लिए कोई पुलिस कर्मी नहीं था। बस फुल होने के बावजूद परिचालक लोगों को जबरन बसों में बैठाते नजर आए। शहर के अन्य बस स्टॉपेज पर भी इसी तरह की लापरवाही देखने पर मिली। पुराना बस स्टैंड और हिमलैंड के पास भी बसों में जमकर ओवरलोडिंग हो रही है।
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अभिभावक बोले, स्कूल टाइम में बढ़ाएं बसें
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल टाइम में बसों की संख्या बढ़ाई जाए। ऑकलैंड के पास बच्चे के साथ खड़ी महिला सुनीता देवी ने कहा कि रोज बसों में इसी तरह सफर करना पड़ता है। सरकार को अतिरिक्त बसें चलानी चाहिए। मौके पर मौजूद अन्य अभिभावक विनीत, सुरेश और मनोज ने कहा कि अभी निजी स्कूलों के लिए भी बसें नहीं चली हैं। मार्च से बसें शुरू करने को कह रहे हैं। इसके चलते अभी बच्चों को ओवरलोड बसों में सफर करवाना पड़ रहा है।
विभाग नियमित रूप से बसों की चेकिंग करता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। यदि ओवरलोडिंग हो रही है तो इस पर कार्रवाई की जाएगी। -विश्व मोहन देव चौहान, आरटीओ शिमला
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल टाइम में बसों की संख्या बढ़ाई जाए। ऑकलैंड के पास बच्चे के साथ खड़ी महिला सुनीता देवी ने कहा कि रोज बसों में इसी तरह सफर करना पड़ता है। सरकार को अतिरिक्त बसें चलानी चाहिए। मौके पर मौजूद अन्य अभिभावक विनीत, सुरेश और मनोज ने कहा कि अभी निजी स्कूलों के लिए भी बसें नहीं चली हैं। मार्च से बसें शुरू करने को कह रहे हैं। इसके चलते अभी बच्चों को ओवरलोड बसों में सफर करवाना पड़ रहा है।
विभाग नियमित रूप से बसों की चेकिंग करता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। यदि ओवरलोडिंग हो रही है तो इस पर कार्रवाई की जाएगी। -विश्व मोहन देव चौहान, आरटीओ शिमला