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शिक्षा विभाग ने स्कूल-कॉलेज प्रिंसिपलों और लेक्चररों पर कसा शिकंजा

Thu, 17 Nov 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 17 Nov 2016 12:02 AM IST
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school and college principals cannot communicate directly with govt

सरकार से सीधा पत्राचार करने वाले स्कूल, कॉलेज प्रिंसिपलों और लेक्चररों पर शिक्षा विभाग ने शिकंजा कस दिया है। विभागीय सूचना के बिना उनके सीधा राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों, मुख्य संसदीय सचिवों सहित सचिवों से पत्राचार करने पर शिक्षा विभाग ने रोक लगा दी है। बुधवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने कॉलेज प्रिंसिपलों और जिला उपनिदेशकों को इस बाबत चेतावनी पत्र जारी किए हैं और विभागीय चैनल के माध्यम से ही पत्राचार करने के आदेश दिए गए हैं। 

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उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने इसकी पुष्टि की है। शिक्षा विभाग ने केंद्र सरकार के विभिन्न कंडक्ट रूल्स और ऑफिस मेन्यूल का हवाला देते हुए नई व्यवस्था शुरू की है। उच्च शिक्षा निदेशक ने स्कूल, कॉलेज प्रिंसिपलों, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, आचार्य, स्कूल लेक्चरर, पीजीटी और मिनिस्ट्रियल स्टाफ को आदेश जारी कर विभागीय चैनल के माध्यम से पत्राचार करने को कहा है।
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निदेशालय के मुताबिक कई ऐसे मामले सामने आए हैं कि स्कूल, कॉलेजों से सीधे सरकार को पत्र भेजे जा रहे हैं। इस व्यवस्था के चलते विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है। इस परिस्थिति से निपटने के लिए शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था करते हुए सीधे पत्राचार पर रोक लगा दी है। चेतावनी जारी की गई है कि आदेशों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कंडक्ट रूल्स के तहत कार्रवाई होगी।

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