2506 सरकारी स्कूल-कॉलेज भी हड़प गए करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति
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हिमाचल के 2506 सरकारी स्कूल और कॉलेज भी 250 करोड़ से अधिक राशि के छात्रवृत्ति घोटाले में शामिल हैं। निजी शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ सरकारी संस्थानों ने भी करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति हड़पी है। सरकारी संस्थानों के प्रिंसिपलों और हेडमास्टरों ने हजारों विद्यार्थियों के बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करने की जगह अपनी जेबें ही भरीं।
शिक्षा उपनिदेशकों ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजना के तहत बैंक खातों में पैसा डालने की जगह स्कूलों को नकदी ही जारी की। शिक्षा विभाग द्वारा सीबीआई को सौंपी गई छात्रवृत्ति घोटाले की जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। इसी आधार पर अब हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी किया है।
आठवीं, दसवीं और जमा दो कक्षा के विद्यार्थियों को 200 से 1000 रुपये तक छात्रवृत्ति राशि जारी होती है। शिक्षा निदेशालय ने जिला वार संख्या के हिसाब से शिक्षा उपनिदेशकों को छात्रवृत्ति देने के लिए ड्राफ्ट जारी किए। उपनिदेशकों ने विद्यार्थियों के खातों में ये पैसा डालने की जगह प्रिंसिपलों और हेडमास्टरों को नकदी ही दे दी।
जांच रिपोर्ट के अनुसार इन स्कूलों के प्रभारियों ने पास आउट हो चुके या संस्थान छोड़ चुके कई विद्यार्थियों का पैसा स्वयं ही रिसीव कर लिया। विद्यार्थियों को इसकी भनक तक नहीं लगने दी। शिक्षा विभाग के जांच अधिकारी इन सभी बिंदुओं को अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है।
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक छात्रवृत्ति घोटाले की जांच के तहत अभी तक चिन्हित किए गए 22 शिक्षण संस्थानों के खिलाफ वहीं एफआईआर दर्ज होगी जहां इनका पंजीकरण हुआ है। जल्द ही बाहरी राज्यों में एफआईआर दर्ज होने की प्रक्रिया तेज होगी।
70 साल के व्यक्ति के आधार कार्ड से किया फर्जी दाखिला
जिला सोलन में स्थित एक निजी विश्वविद्यालय ने फर्जी दाखिला करने के लिए 70 साल की आयु के एक व्यक्ति का आधार कार्ड तक इस्तेमाल किया है। इस विश्वविद्यालय पर बीते दिनों ही उत्तराखंड के हरिद्वार में एफआईआर दर्ज हुई है।